तमिलनाडु में BJP का ‘बंगाल मॉडल’ एक्टिव? मिशन साउथ पर बड़ा प्लान तैयार

2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अमित शाह ने भाजपा अध्यक्ष की कमान संभालते ही बड़ा विजन पेश किया. अपने पहले भाषण में उन्होंने पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण के कोरोमंडल तट तक भाजपा का विस्तार करने का रोडमैप रखा, जिसने पार्टी की भविष्य की राजनीति की दिशा तय कर दी.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

अरब सागर के तट से शुरू हुई भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक यात्रा अब गंगासागर तक पहुंच चुकी है. पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक सफलता के बाद पार्टी अब दक्षिण भारत में अपने अधूरे मिशन को पूरा करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है. अगले एक दशक में समुद्री सीमाओं वाले सभी राज्यों में सत्ता तक पहुंच बनाना भाजपा का बड़ा राजनीतिक लक्ष्य माना जा रहा है.

भाजपा नेतृत्व अब दक्षिण भारत के लिए बदली हुई रणनीति के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में है. पार्टी की नजर सबसे पहले तेलंगाना पर है, जहां संगठनात्मक आधार मजबूत माना जा रहा है. इसके बाद केरल और तमिलनाडु में राजनीतिक जमीन तैयार करने की कवायद तेज होगी. वहीं, कर्नाटक में भाजपा को अगले विधानसभा चुनाव में सत्ता में वापसी की उम्मीद है.

अमित शाह के रोडमैप पर आगे बढ़ रही भाजपा

साल 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के कुछ समय बाद अमित शाह ने भाजपा की कमान संभाली थी. अपने शुरुआती भाषणों में उन्होंने पूर्वोत्तर भारत में विस्तार और कोरोमंडल क्षेत्र तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने का बड़ा रोडमैप रखा था. भाजपा ने पूर्वोत्तर राज्यों में कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने के साथ बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे अहम राज्यों में अपनी राजनीतिक ताकत मजबूत की.

अब पार्टी का पूरा फोकस दक्षिण भारत पर केंद्रित माना जा रहा है, जहां भाजपा लंबे समय से संगठन विस्तार की कोशिशों में जुटी हुई है.

दक्षिण के राज्यों में भाजपा की रणनीति

दक्षिण भारत के पांच राज्यों में भाजपा फिलहाल आंध्र प्रदेश में तेलुगुदेशम पार्टी के साथ गठबंधन सरकार का हिस्सा है. कर्नाटक में पार्टी पहले कई बार सत्ता में रह चुकी है और उसे अगली बार फिर सरकार बनाने का भरोसा है.

इसके अलावा तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल भाजपा के अगले बड़े राजनीतिक लक्ष्य बताए जा रहे हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तेलंगाना में भाजपा ने मजबूत राजनीतिक आधार तैयार कर लिया है और आने वाले समय में वहां अपनी पकड़ और मजबूत करने की योजना है.

तमिलनाडु और केरल पर विशेष फोकस

केरल और तमिलनाडु भाजपा के लिए अब भी सबसे चुनौतीपूर्ण राज्यों में गिने जाते हैं. हालांकि, पार्टी इन दोनों राज्यों में नई रणनीति के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है. सूत्रों के अनुसार, भाजपा तमिलनाडु में पश्चिम बंगाल जैसा राजनीतिक फॉर्मूला अपनाने की तैयारी में है. इसके तहत अन्नाद्रमुक के कई प्रभावशाली नेताओं को भाजपा में शामिल कराने की रणनीति बनाई जा रही है. हाल ही में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने नागेंद्रन भी अन्नाद्रमुक से ही भाजपा में आए हैं.

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