बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हिंसा... कई इलाकों में तोड़फोड़ और आगजनी, तीन लोगों की मौत से सियासत गरमाई

पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी है, जिसमें अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई. इसके बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं.

Shraddha Mishra

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद माहौल एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया है. जीत और हार के बीच सियासी टकराव अब सड़कों पर नजर आ रहा है, जहां अलग-अलग इलाकों से हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं. मंगलवार को हुई ताजा घटनाओं में भाजपा के दो और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक कार्यकर्ता की मौत ने हालात को और गंभीर बना दिया है.

न्यू टाउन में भाजपा कार्यकर्ता की मौत

कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की मौत हो गई. आरोप है कि टीएमसी समर्थकों ने उसकी पिटाई की, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई. बताया जा रहा है कि यह घटना भाजपा के विजय जुलूस के दौरान हुई, जहां किसी बात को लेकर बहस बढ़ गई और मामला हिंसा तक पहुंच गया.

घायल अवस्था में मंडल को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और भाजपा समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी. कुछ जगहों पर टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों को भी निशाना बनाया गया. हालात को काबू में करने के लिए केंद्रीय बलों को तैनात करना पड़ा.

बीरभूम में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या

दूसरी ओर, बीरभूम जिले के नानूर क्षेत्र से भी एक गंभीर घटना सामने आई है. यहां टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की हत्या कर दी गई. पुलिस के अनुसार, संतोषपुर गांव में किसी विवाद के दौरान उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस हमले में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है. टीएमसी के स्थानीय विधायक विधान माझी ने इस घटना के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं, भाजपा नेता श्यामापद मंडल ने इन आरोपों को गलत बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.

हावड़ा में एक और मौत, बढ़ा तनाव

हावड़ा जिले के उदय नारायणपुर इलाके में भी भाजपा से जुड़े एक कार्यकर्ता यादव बर की मौत की खबर सामने आई है. मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाने और जश्न मनाने के दौरान उस पर हमला किया गया था. इस घटना ने भी इलाके में तनाव को और बढ़ा दिया है.

कई जिलों में तोड़फोड़ और आगजनी

सिर्फ जानलेवा हमले ही नहीं, बल्कि राज्य के कई हिस्सों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं. कोलकाता के टालीगंज स्थित बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास के चुनाव कार्यालय में भीड़ ने तोड़फोड़ की. कस्बा के रूबी क्रासिंग पर एक टीएमसी पार्षद के दफ्तर में भी हमला किया गया. इसके अलावा हावड़ा, उत्तर 24 परगना और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों से भी हिंसा और आगजनी की खबरें आई हैं, हालांकि कुछ घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है.

आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी

इन घटनाओं के बाद दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. टीएमसी ने भाजपा पर सुनियोजित हिंसा फैलाने का आरोप लगाया है. वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह टीएमसी के अंदरूनी संघर्ष का परिणाम हो सकता है. बढ़ती हिंसा को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने भी सख्त रुख अपनाया है. आयोग ने स्थानीय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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