‘जय श्री राम’ बोलो, फीस में छूट पाओ! बंगाल के डॉक्टर का ‘स्पेशल ऑफर’ बना सियासी मुद्दा

कोलकाता के एक डॉक्टर ने ‘जय श्री राम’ बोलने पर फीस में छूट देने का ऑफर दिया है, जिससे सियासी विवाद खड़ा हो गया है. इस पूरे मामले पर तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, वहीं भाजपा ने इस पहल का स्वागत किया है.

Shraddha Mishra

कोलकाता में एक हृदय रोग विशेषज्ञ के अनोखे ऑफर ने न केवल मरीजों का ध्यान खींचा है, बल्कि राजनीति में भी हलचल मचा दी है. दक्षिण कोलकाता में प्रैक्टिस करने वाले इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पी.के. हाजरा ने अपने निजी क्लिनिक में एक खास ऑफर शुरू किया है. उन्होंने घोषणा की है कि जो भी मरीज उनके चेंबर में आकर ‘जय श्री राम’ बोलेगा, उसे कंसल्टेशन फीस में 500 रुपये की छूट दी जाएगी. हालांकि यह सुविधा केवल उनके निजी क्लिनिक तक सीमित है और जिस निजी अस्पताल में वह विभाग के निदेशक हैं, वहां यह लागू नहीं होगी.

क्लिनिक पर पोस्टर और सोशल मीडिया पर चर्चा

डॉ. हाजरा ने अपने क्लिनिक के बाहर एक पोस्टर भी लगाया है, जिसमें वे भाजपा का दुपट्टा पहने नजर आ रहे हैं. इस पोस्टर को उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा किया है. डॉक्टर के अनुसार, यह पोस्टर उनके एक मरीज ने बनाया था, जिसे उन्होंने बाद में अपने क्लिनिक में लगा दिया.

डॉक्टर का पक्ष: बदलाव की जरूरत

डॉ. हाजरा का कहना है कि उनका यह कदम किसी विवाद को जन्म देने के लिए नहीं, बल्कि राज्य में बदलाव की सोच के तहत उठाया गया है. उन्होंने बताया कि एक डॉक्टर के रूप में उन्हें कई बार मरीजों से यह सवाल सुनने को मिलता है कि इलाज के लिए उन्हें दूसरे राज्यों में क्यों जाना पड़ता है.

उनके मुताबिक, जब बंगाल के मरीज बेहतर इलाज के लिए असम, ओडिशा या दक्षिण भारत जाते हैं, तो यह चिंता का विषय है. वहीं, अन्य राज्यों से लोग इलाज के लिए बंगाल कम आते हैं. डॉक्टर का मानना है कि इस स्थिति को बदलना जरूरी है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे सीधे तौर पर किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं, लेकिन भाजपा शासित राज्यों के विकास से प्रभावित हैं.

राजनीति में एंट्री की इच्छा

डॉ. हाजरा ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें अपने जिले पश्चिम मेदिनीपुर के पिंगला क्षेत्र से भाजपा का टिकट मिलने की उम्मीद थी. जब उन्हें टिकट नहीं मिला, तो उन्होंने इस तरह से लोगों को जागरूक करने का रास्ता चुना. हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कुछ कामों की सराहना भी की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि दूसरे राज्यों की तुलना में बंगाल विकास की दौड़ में पीछे रह गया है. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव को भी स्वास्थ्य सेवाओं पर असर डालने वाला बताया.

टीएमसी की कड़ी प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और डॉक्टर डॉ. निर्मल माझी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. हाजरा अपने निजी हितों की रक्षा के लिए भाजपा का समर्थन कर रहे हैं. माझी ने कहा कि ऐसे कदम उठाकर वे खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और भाजपा की मदद से अपनी छवि सुधारना चाहते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि इस तरह के कदमों से चुनावी नतीजों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.

भाजपा का समर्थन

वहीं भाजपा ने इस पहल का स्वागत किया है. पार्टी के राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने डॉ. हाजरा के कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे अन्य डॉक्टर भी प्रेरित हो सकते हैं और राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में सुधार के लिए नई सोच विकसित हो सकती है. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं. राज्य की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी. 

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