ममता का किला टूटा, बीजेपी का झंडा ऊंचा!, शुभेंदु अधिकारी जीते
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां ममता बनर्जी को भवानीपुर विधानसभा सीट से करारी हार का सामना करना पड़ा.

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां ममता बनर्जी को भवानीपुर विधानसभा सीट से करारी हार का सामना करना पड़ा. इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 15 हजार से अधिक वोटों के अंतर से पराजित किया. चुनावी नतीजों ने राज्य की सियासत को नया मोड़ दे दिया है, क्योंकि भवानीपुर को ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है.
भवानीपुर और नंदीग्राम से जीते शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी इस चुनाव में दो सीटों भवानीपुर और नंदीग्राम से मैदान में उतरे थे और दोनों ही जगह उन्होंने जीत दर्ज की. खास बात यह है कि इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में भी नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया था. इस बार भी उन्होंने अपनी पकड़ बरकरार रखते हुए न सिर्फ नंदीग्राम में जीत हासिल की, बल्कि भवानीपुर में भी ममता को शिकस्त देकर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली.
भवानीपुर सीट पर मिली जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने इसे विचारधारा की जीत बताया. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी को हराना बेहद जरूरी था और जनता ने इस बार खुलकर उनका साथ दिया. उन्होंने दावा किया कि उन्हें विभिन्न समुदायों, खासकर हिंदू और सिख मतदाताओं का व्यापक समर्थन मिला, जिसकी बदौलत यह जीत संभव हो पाई. शुभेंदु ने इस जीत को ‘हिंदुत्व’ की जीत बताते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और नेतृत्व में जनता के विश्वास का परिणाम भी बताया.
पवित्र कर को करीब साढ़े नौ हजार वोटों से हराया
नंदीग्राम सीट पर भी शुभेंदु अधिकारी ने अपना दबदबा कायम रखा. यहां उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पवित्र कर को करीब साढ़े नौ हजार वोटों से हराया. दिलचस्प बात यह है कि पवित्र कर को टीएमसी ने अंतिम समय में उम्मीदवार बनाया था और उन्हें शुभेंदु का करीबी माना जाता रहा है. इसके बावजूद शुभेंदु ने यहां भी अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी.


