बंगाल में आज से सुवेंदु सरकार, किसे मिला कौन सा मंत्रालय? यहां पढ़े मंत्रिमंडल की पूरी लिस्ट
सुवेंदु अधिकारी की नई कैबिनेट में भाजपा ने सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों पर खास ध्यान दिया है. पांच मंत्रियों के जरिए पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के साथ महिला नेतृत्व, मतुआ समुदाय, आदिवासी वर्ग और उत्तर बंगाल के वोट बैंक को साधने का बड़ा संदेश देने की कोशिश की है.

पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के साथ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. उनके नेतृत्व में बनी नई सरकार ने छोटे लेकिन संतुलित मंत्रिमंडल के साथ अपने कार्यकाल की शुरुआत की है.
सुवेंदु अधिकारी के साथ पांच मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की. इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किरतनिया, खुदीराम तुडू और निशीथ प्रामाणिक शामिल हैं. भाजपा ने इस शुरुआती कैबिनेट के जरिए संगठन, महिला नेतृत्व, मतुआ समुदाय, आदिवासी समाज और उत्तर बंगाल के राजनीतिक समीकरणों को साधने का प्रयास किया है.
सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर BJP का फोकस
नई सरकार के मंत्रिमंडल में भाजपा ने अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति अपनाई है. कैबिनेट में महिला चेहरा, आदिवासी समुदाय, ओबीसी वर्ग, मतुआ समाज और राजबंशी समुदाय को जगह देकर पार्टी ने व्यापक सामाजिक संतुलन बनाने का संदेश दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह वही सामाजिक समीकरण हैं जिन पर भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान विशेष ध्यान केंद्रित किया था.
छोटी कैबिनेट, आगे विस्तार के संकेत
फिलहाल सीमित मंत्रिमंडल को सरकार गठन का पहला चरण माना जा रहा है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में मंत्रिपरिषद का विस्तार किया जा सकता है और कई अन्य विधायकों को भी जिम्मेदारी मिल सकती है. भाजपा के लिए यह सरकार कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में पहली बार पार्टी ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता हासिल की है. इसके साथ ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल लंबे शासन का अंत हुआ है.
दिलीप घोष
दिलीप घोष भाजपा के सबसे अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं. वह लंबे समय तक पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं. 2014 के बाद बंगाल में भाजपा के विस्तार में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है. मेदिनीपुर से पूर्व सांसद रह चुके दिलीप घोष अपनी आक्रामक शैली और मजबूत संगठनात्मक पकड़ के लिए पहचाने जाते हैं.
अग्निमित्रा पॉल
अग्निमित्रा पॉल को भाजपा ने महिला प्रतिनिधित्व के प्रमुख चेहरे के तौर पर मंत्रिमंडल में शामिल किया है. पेशे से फैशन डिजाइनर रहीं अग्निमित्रा ने 2019 में राजनीति में कदम रखा था. वह भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और आसनसोल दक्षिण सीट से विधायक चुनी गई थीं. पार्टी उन्हें बंगाल भाजपा के प्रमुख महिला चेहरों में गिनती है.
अशोक किरतनिया
अशोक किरतनिया का चयन दक्षिण बंगाल के अहम सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर किया गया माना जा रहा है. वह बोंगांव उत्तर सीट से विधायक हैं और मतुआ प्रभाव वाले इलाके का प्रतिनिधित्व करते हैं. उनकी पहचान स्थानीय संगठन और व्यवसायिक पृष्ठभूमि से भी जुड़ी रही है. भाजपा उन्हें मतुआ और शरणार्थी वोट बैंक के अहम चेहरे के तौर पर देख रही है.
खुदीराम तुडू
खुदीराम तुडू को जंगलमहल और आदिवासी इलाकों में भाजपा की पकड़ मजबूत करने वाले नेताओं में माना जाता है. वह बांकारा जिले से आते हैं और रानीबांध सीट से विधायक चुने गए हैं. ST समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले तुडू को मंत्रिमंडल में शामिल कर भाजपा ने आदिवासी क्षेत्रों में अपने प्रभाव को और मजबूत करने का संकेत दिया है.
निशीथ प्रामाणिक
निशीथ प्रामाणिक भाजपा के युवा और प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं. उत्तर बंगाल में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. वह केंद्र सरकार में गृह और खेल मंत्रालय में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं. 2019 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए निशीथ प्रामाणिक का राजबंशी समुदाय में अच्छा प्रभाव माना जाता है.


