'भारत भी अंडमान के समंदर में वसूले टोल' अजय बग्गा ने होर्मुज संकट के बीच दी बड़ी सलाह, ईरान के खिलाफ बताया मास्टरप्लान!
ईरान द्वारा जहाजों से टोल वसूलने की बात कहने पर प्रसिद्ध बैंकर और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने भारत को दी है. उन्होंने कहा है कि भारतीय महासागर से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलना शुरू कर देना चाहिए.

नई दिल्ली: होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने के साथ ईरान ने जहाजों से टोल वसूलने की बात कही है. ईरान का कहना है कि वह इस जलमार्ग पर नियंत्रण रखना चाहता है और गुजरने वाले जहाजों से कम से कम एक डॉलर प्रति बैरल का शुल्क लेगा. इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो रही है.
ईरान का प्रस्ताव और वैश्विक चिंता
ईरान ने सीजफायर की शर्तों में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर टोल लगाने की मांग रखी है.अगर यह लागू होता है तो वैश्विक तेल व्यापार पर बड़ा असर पड़ेगा. अनुमान है कि इससे हर शिपमेंट पर करीब 2.5 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त खर्च हो सकता है, जिससे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं.
दुनिया के प्राकृतिक जलमार्गों पर पहले कभी टोल नहीं लगाया जाता था. पनामा और स्वेज जैसे मानव-निर्मित नहरों पर ही शुल्क लिया जाता था, लेकिन ईरान के इस कदम से पुराना नियम टूटने का खतरा है.
अजय बग्गा की सलाह
प्रसिद्ध बैंकर और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने इस पर अपनी राय दी है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान को होर्मुज में टोल वसूलने की अनुमति मिल गई, तो यह खतरनाक मिसाल बन जाएगी. फिर सिंगापुर के मलक्का स्ट्रेट और तुर्की के बोस्फोरस में भी ऐसे शुल्क लग सकते है.
अजय बग्गा ने सुझाव दिया कि भारत को भी अपनी रणनीतिक स्थिति का फायदा उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत को अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के दक्षिणी हिस्से में नौसेना की मजबूत उपस्थिति बनाकर भारतीय महासागर से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलना शुरू कर देना चाहिए.
अंडमान-निकोबार की रणनीतिक अहमियत
अजय बग्गा ने खासतौर पर इंदिरा पॉइंट का जिक्र किया, जो ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु है. यहां से इंडोनेशिया का सबांग क्षेत्र मात्र 145-170 किलोमीटर की दूरी पर है. यह जगह मलक्का स्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास है और हिंद महासागर का महत्वपूर्ण जलमार्ग माना जाता है.
भारत और इंडोनेशिया इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए साथ काम कर रहे हैं. इंदिरा पॉइंट और इंडोनेशिया के रोंडो द्वीप के बीच की छोटी दूरी इसे रणनीतिक रूप से मजबूत बनाती है.
क्या होगा अगर यह ट्रेंड शुरू हुआ?
अजय बग्गा ने चेतावनी दी कि होर्मुज में टोल लगने से पूरी दुनिया में प्राकृतिक जलमार्गों पर शुल्क वसूली का नया ट्रेंड शुरू हो सकता है. इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होगा और कई देशों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा.
भारत जैसे देशों के लिए अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा बढ़ाना और आर्थिक फायदे उठाना जरूरी हो गया है. अजय बग्गा की यह सलाह जियो-पॉलिटिक्स और बाजार दोनों को ध्यान में रखकर दी गई है.


