Budget 2025: बजट निर्माण में किन लोगों की होती है अहम भूमिका? जानिए किसने की थी शुरुआत
Budget 2025: भारत का केंद्रीय बजट एक वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट होती है, जिसमें सरकार अगले वित्तीय वर्ष के लिए अपनी आय और व्यय का खाका पेश करती है. स्वतंत्र भारत में पहला बजट 26 नवंबर 1947 को वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था. तो चलिए जानते है बजट निर्माण में किन लोगों की अहम भूमिका होती है.

Budget 2025: आज 18वीं लोकसभा के बजट सत्र का पहला दिन है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा के जॉइंट सेशन में 59 मिनट का संबोधन दिया. इस दौरान उन्होंने सरकार की नीतियों और योजनाओं पर प्रकाश डाला और देश की प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदमों की जानकारी दी. यह सत्र महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें आगामी वित्तीय वर्ष का बजट पेश किया जाएगा, जो देश की आर्थिक स्थिति और विकास की रणनीतियों का खाका प्रस्तुत करेगा.
बजट देश की आर्थिक दशा और दिशा तय करने वाला दस्तावेज है. इसके निर्माण में वित्त मंत्रालय, नीति आयोग, RBI, उद्योग संघ, राजस्व और व्यय विभाग, मुख्य आर्थिक सलाहकार और आम जनता तक की अहम भूमिका होती है. अब सवाल उठता है कि बजट निर्माण में कौन-कौन अहम भूमिका निभाता है? तो आइए इसके बारे में जानते हैं.
भारत में बजट का इतिहास
भारत का पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को ब्रिटिश सरकार के वित्त मंत्री जेम्स विल्सन ने पेश किया था. इस बजट में भारत के वित्तीय मामलों का खाका तैयार किया गया था. आजादी के बाद पहला बजट 26 नवंबर 1947 को भारत के पहले वित्त मंत्री आरके षणमुखम चेट्टी ने पेश किया था. यह बजट 15 अगस्त 1947 से लेकर 31 मार्च 1948 तक के लिए था. भारत के गणराज्य की स्थापना के बाद पहला बजट 28 फरवरी 1950 को पेश किया गया था. इस बजट में एक महत्वपूर्ण कदम था. योजना आयोग की स्थापना, जो देश के विकास के लिए योजनाएं बनाता था.
बजट निर्माण में इन लोगों की होती है अहम भूमिका
1. वित्त मंत्री (Finance Minister): बजट पेश करने की सबसे अहम जिम्मेदारी वित्त मंत्री की होती है. वे बजट तैयार करने की प्रक्रिया की निगरानी करते हैं और संसद में इसे पेश करते हैं. यह विभाग सभी मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से वित्तीय मांगों को एकत्र करता है और उनके अनुरूप बजट तैयार करता है.
2. वित्त मंत्रालय के बजट डिवीजन: आर्थिक मामलों का विभाग (Department of Economic Affairs - DEA) बजट निर्माण की मुख्य एजेंसी होती है. यह बजट से जुड़े सभी प्रारंभिक काम संभालती है और विभिन्न मंत्रालयों से वित्तीय मांगों का समन्वय करती है.
3. व्यय विभाग: यह विभाग तय करता है कि विभिन्न मंत्रालयों और योजनाओं को कितना और कैसे बजट आवंटित किया जाए.
4. राजस्व विभाग : यह विभाग टैक्स संबंधी नीतियां और प्रस्ताव तैयार करता है. इनकम टैक्स, कस्टम ड्यूटी, जीएसटी जैसी कर नीतियों को बनाने और संशोधित करने की जिम्मेदारी इसी की होती है.
5. आर्थिक सलाहकारों की टीम: बजट के वित्तीय पहलुओं को तय करने के लिए मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) और अर्थशास्त्रियों की एक टीम सरकार को आवश्यक सुझाव देती है.
6. नीति आयोग: यह देश की विकास योजनाओं और प्रमुख आर्थिक सुधारों पर सुझाव देता है और बजट में इनका समावेश सुनिश्चित करता है.
7. उद्योग संघ और वाणिज्य मंडल: फिक्की (FICCI), एसोचैम (ASSOCHAM), सीआईआई (CII) जैसी संस्थाएं सरकार को निजी क्षेत्र और व्यापारिक समुदाय की जरूरतों से अवगत कराती हैं.
8. भारतीय रिजर्व बैंक: मुद्रास्फीति (Inflation), ब्याज दरें और आर्थिक नीतियों पर RBI सरकार को सलाह देता है.
9. करदाताओं और आम जनता की भागीदारी: सरकार जनता और टैक्सपेयर्स से भी सुझाव मांगती है, ताकि उनकी जरूरतों के हिसाब से बजट बनाया जा सके.
10. गुप्त टीम और सुरक्षा एजेंसियां: बजट दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए एक विशेष टीम बनाई जाती है. इस दौरान नॉर्थ ब्लॉक सुरक्षा किले में बदल जाता है, और कर्मचारियों को बाहरी दुनिया से संपर्क करने की अनुमति नहीं होती.


