NEET-UG पेपर लीक के बाद सरकार का बड़ा कदम, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में एयरफोर्स की एंट्री संभव

NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद सरकार 21 जून की पुनर्परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई में भारतीय वायु सेना की मदद लेने पर विचार कर रही है. सीबीआई अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और लीक के मुख्य स्रोत की पहचान होने का दावा किया गया है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: नीट-यूजी परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार अब परीक्षा सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क नजर आ रही है. 21 जून को प्रस्तावित पुनर्परीक्षा के लिए सरकार भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की मदद लेने पर विचार कर रही है, ताकि प्रश्नपत्रों को देशभर में पूरी सुरक्षा के साथ पहुंचाया जा सके. माना जा रहा है कि इस बार केवल सैन्य स्तर की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था ही किसी संभावित लीक को रोकने में कारगर साबित हो सकती है.

राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक

सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. बैठक में पुनर्परीक्षा की तैयारियों और प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. अधिकारियों ने इस संभावना पर विचार किया कि क्या भारतीय वायु सेना के विमानों का इस्तेमाल कर प्रश्नपत्रों को विभिन्न राज्यों और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित तरीके से पहुंचाया जा सकता है.

हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार इस योजना को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा जा सकता है. बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री स्वयं 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें हर चरण की नियमित जानकारी दी जा रही है.

बैठक में परीक्षा प्रक्रिया के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई, जिसमें प्रश्नपत्र तैयार करने, छपाई, पैकिंग, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल थे. राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे.

गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी. इस परीक्षा में करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था. परीक्षा के कुछ दिनों बाद ही प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने लगी थीं. एनटीए के अनुसार 7 मई को पहली बार इस संबंध में सूचना मिली, जिसके बाद मामले को जांच एजेंसियों के साथ साझा किया गया.

21 जून को दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा

बढ़ते विवाद और लगातार उठ रहे सवालों के बीच 12 मई को एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दी और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की. बाद में शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. एजेंसी ने देश के कई राज्यों में छापेमारी अभियान चलाया और दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, पुणे, नासिक, लातूर और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से आरोपियों को गिरफ्तार किया.

सीबीआई के मुताबिक अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच में लीक हुए प्रश्नपत्रों के मूल स्रोत की पहचान भी कर ली गई है. अब सरकार की कोशिश है कि पुनर्परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल में कराई जाए.

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