LPG संकट की खबरों पर सरकार का अपडेट कहा- स्टॉक भरपूर, घबराने की जरूरत नहीं

सरकार ने साफ किया कि देश में एलपीजी और कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है, सप्लाई पूरी तरह सामान्य है. साथ ही बंदरगाह संचालन और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी सुचारु हैं, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी हुई है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

देश में एलपीजी और कच्चे तेल की उपलब्धता को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा रही है. उन्होंने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.

सुचारु रूप से चल रहा एलपीजी वितरण 

सरकार के अनुसार, देशभर में एलपीजी वितरण सुचारु रूप से चल रहा है और किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर कमी की कोई शिकायत सामने नहीं आई है. हाल के आंकड़ों के मुताबिक, एक दिन में लगभग 50 लाख गैस सिलेंडर की बुकिंग दर्ज की गई, जिसमें से करीब 93 प्रतिशत की सफल डिलीवरी की गई. इसके अलावा, लगभग 98 प्रतिशत बुकिंग अब ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हो गई है. हालांकि, गर्मी के मौसम के कारण मांग में हल्की गिरावट देखी गई है और वर्तमान में दैनिक बुकिंग का आंकड़ा करीब 45 से 46 लाख सिलेंडर के बीच बना हुआ है.

नए कनेक्शनों की बात करें तो मार्च 2026 से अब तक करीब 4.68 लाख पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन जारी किए गए हैं. इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की गई है. अब तक 255 डिस्ट्रीब्यूटर्स पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि 55 को निलंबित किया जा चुका है. वहीं, 23 मार्च के बाद से 16.5 लाख से अधिक छोटे यानी 5 किलो वाले सिलेंडरों की बिक्री भी दर्ज की गई है.

सप्लाई चेन को लेकर भी सरकार ने स्थिति सामान्य बताई है. शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, देश के सभी प्रमुख बंदरगाह सुचारु रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी जाम या भीड़भाड़ की स्थिति नहीं है, जिससे आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है.

अंतरराष्ट्रीय यात्रा को लेकर भी स्थिति स्थिर

अंतरराष्ट्रीय यात्रा को लेकर भी स्थिति स्थिर बनी हुई है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक लगभग 10.38 लाख यात्री भारत लौट चुके हैं. यूएई से भारत के लिए करीब 100 उड़ानों का संचालन जारी रहने की उम्मीद है, जबकि सऊदी अरब, ओमान और कुवैत से भी नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं. कतर से सीमित उड़ानें जारी हैं और बहरीन से भी जल्द सेवाएं शुरू होने की संभावना है.

कुल मिलाकर सरकार ने भरोसा दिलाया है कि एलपीजी, कच्चे तेल, बंदरगाह संचालन और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और आम जनता को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी.

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