रेलवे पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, DR में 2 फीसदी की बढ़ोतरी, अब मिलेंगे इतने पैसे
देशभर के लाखों रेलवे पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. केंद्र सरकार ने महंगाई राहत (डीआर) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है. यानी उन्हें हर महीने 200 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा.

नई दिल्ली: देशभर के लाखों रेलवे पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. बता दें, केंद्र सरकार ने महंगाई राहत (डीआर) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है. इसके तहत अब रेलवे पेंशनर्स को 58 फीसदी की जगह 60 फीसदी डीआर का लाभ मिलेगा. वहींं रेल मंत्रालय द्वारा 7 मई 2026 को जारी आदेश के अनुसार यह नई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी. ऐसे में पेंशनर्स को बढ़ी हुई पेंशन के साथ बीते महीनों का एरियर भी मिलेगा.
कितने रुपये का होगा लाभ
सरकार के इस फैसले से रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों की मासिक आय में सीधा इजाफा देखने को मिलेगा. उदाहरण के तौर पर, अगर किसी पेंशनर की बेसिक पेंशन 10 हजार रुपये है, तो पहले उसे 58 फीसदी डीआर के हिसाब से कुल 15,800 रुपये मिलते थे. अब 60 फीसदी डीआर लागू होने के बाद उसकी कुल पेंशन बढ़कर 16 हजार रुपये हो जाएगी. यानी उन्हें हर महीने 200 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा.
बेसिक पेंशन वालों को कितना लाभ
इसी तरह 20 हजार रुपये बेसिक पेंशन पाने वाले पेंशनर्स को अब हर महीने 400 रुपये ज्यादा मिलेंगे. वहीं 30 हजार रुपये बेसिक पेंशन वालों की पेंशन में लगभग 600 रुपये की बढ़ोतरी होगी. 40 हजार रुपये बेसिक पेंशन पाने वालों को 800 रुपये और 50 हजार रुपये बेसिक पेंशन पाने वालों को 1,000 रुपये प्रति माह का अतिरिक्त फायदा मिलेगा. 60 हजार रुपये बेसिक पेंशन पर 1,200 रुपये और 70 हजार रुपये बेसिक पेंशन वालों को 1,400 रुपये प्रतिमाह अधिक मिलेंगे.
बकाया एरियर भी होगा ट्रांसफर
इसके साथ ही सरकार ने यह भी साफ किया है कि डीआर में बढ़ोतरी का लाभ 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा. ऐसे में पेंशनर्स को पिछले महीनों का बकाया एरियर भी उनके खातों में जल्द ट्रांसफर किया जाएगा.
क्यों लिया गया ये फैसला
इससे पहले 18 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और डीआर में 2 फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई थी. सरकार का कहना है कि यह फैसला बढ़ती महंगाई के असर को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है. वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस निर्णय से करीब 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.27 लाख पेंशनर्स को फायदा मिलेगा. बता दें, सरकार के इस फैसले के बाद सरकार पर इसका वार्षिक अतिरिक्त वित्तीय बोझ लगभग 6,791 करोड़ रुपये आएगा. यह बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत तय फॉर्मूले के आधार पर की गई है.


