Make in India: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया है, जिसमें राहुल ने 'मेक इन इंडिया' को असफल करार दिया था. सीतारमण ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में कुछ भी सकारात्मक नहीं हुआ था. उन्होंने बताया कि उस समय देश के बैंकों को भारी नुकसान हुआ और इकोनॉमी निचले पायदान पर थी. उनके मुताबिक, मोदी सरकार ने इकोनॉमी को ऊपर से पांचवें स्थान पर पहुंचा दिया है, जबकि यूपीए सरकार के समय यह नीचे से पांचवे नंबर पर थी.
सीतारमण ने कहा कि राहुल गांधी यह स्वीकार कर रहे हैं कि उनके शासन में युवाओं को रोजगार नहीं मिला, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि उस समय कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए गए थे. यूपीए सरकार के कार्यकाल में बैंकों का नुकसान हुआ और उद्योगपति अपनी कंपनियां बंद कर रहे थे, जिससे बैंकों की बैलेंस शीट भी खराब हुई. इसके परिणामस्वरूप देश की इकोनॉमी भी कमजोर हुई. वित्त मंत्री ने कहा कि यह कहना कि जॉब्स नहीं मिले, इसका कोई मतलब नहीं बनता, क्योंकि यूपीए सरकार ने इकोनॉमी को उस स्तर तक पहुंचाया था.
निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि जब यूपीए सरकार का कार्यकाल समाप्त हुआ, तब तक देश की इकोनॉमी बहुत बुरी स्थिति में थी और उसे सुधारने में मोदी सरकार को चार-पाँच साल का वक्त लगा. उनके अनुसार, यूपीए सरकार में बैंकिंग क्षेत्र और इकोनॉमी को जिस तरह का नुकसान हुआ, उससे न केवल देश की वित्तीय स्थिति प्रभावित हुई, बल्कि कई आर्थिक अपराधी भी देश छोड़कर चले गए. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने जो काम किया, वह यूपीए सरकार द्वारा छोड़ी गई नकारात्मक स्थिति को सुधारने का काम था.
इस बयान के दौरान, वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि उस समय के संकट को हल करने के लिए मोदी सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं, जिनका परिणाम आज इकोनॉमी के बेहतर प्रदर्शन के रूप में दिख रहा है. First Updated : Monday, 03 February 2025