वैश्विक व्यापार तनाव के बीच भारत और अमेरिका ने बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के तहत समझौता हो गया है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत के व्यापार सचिव ने मंगलवार को कहा कि नई दिल्ली ने अमेरिका के साथ व्यापार उदारीकरण के रास्ते पर चलने का फैसला किया है, जिसके तहत दोनों देशों ने शर्तों पर हस्ताक्षर किए हैं. व्यापार सचिव सुनील बर्थवाल ने बताया, "भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार उदारीकरण का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है." व्यापार मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि दोनों देशों के बीच वर्चुअल वार्ता इस महीने शुरू होगी और अगले दौर की आमने-सामने की वार्ता मई के मध्य होगी.
उल्लेखनीय है कि भारत और अमेरिका ने फरवरी में इस साल के अंत में संपन्न होने वाले व्यापार समझौते के पहले चरण पर काम करने पर सहमति जताई थी. इससे पहले यह बताया गया था कि भारत दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के पहले चरण में 23 बिलियन डॉलर मूल्य के आधे से अधिक अमेरिकी आयातों पर टैरिफ में कटौती करने के लिए तैयार है, जो वर्षों में सबसे बड़ी कटौती होगी. आमने-सामने की बातचीत का अगला दौर मई के मध्य में निर्धारित है.
भारत-अमेरिका बीटीए पर बातचीत करने पर काम कर रहे हैं. इस डील का उद्देश्य 2030 तक अपने व्यापार को वर्तमान 191 बिलियन अमेरिकी डॉलर से दोगुना करके 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है.उम्मीद है कि दोनों पक्ष इस साल सितंबर-अक्तूबर तक पहला चरण पूरा कर लेंगे.
इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया था कि भारत बंदूक की नोक पर कभी बातचीत नहीं करेगा, बल्कि अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता शुरू करने के लिए अनुकूल समय सीमा का इंतजार करेगा. उनकी यह टिप्पणी राष्ट्रपति के बयान के जवाब में आई है. डोनाल्ड ट्रंप भारत सहित अन्य देशों पर टैरिफ लगाने पर 90 दिन की रोक की घोषणा.
उल्लेखनीय है कि भारत अमेरिका से आयातित ऑटो पार्ट्स पर सीमा शुल्क कम करने या पूरी तरह हटाने की संभावना का भी मूल्यांकन कर रहा है. अमेरिका ने इस साल 9 जुलाई तक भारत पर अतिरिक्त शुल्क स्थगित करने की घोषणा की है. First Updated : Tuesday, 15 April 2025