रसोई गैस महंगी, जेब पर चोट, पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ी कीमतें, आम घरों का बजट फिर हिला
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष का असर अब भारत की रसोई तक पहुंच गया है। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़ा दी है। इससे आम परिवारों का मासिक बजट फिर दबाव में आ गया है।

रसोई गैस की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हो गई है। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़ा दिए हैं। अब दिल्ली में 14.2 किलो का गैस सिलेंडर 913 रुपये में मिलेगा। पहले इसकी कीमत 853 रुपये थी। यानी एक झटके में 60 रुपये बढ़ गए। तेल कंपनियों का कहना है कि दुनिया में ऊर्जा की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। खासकर पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य तनाव के बाद गैस और तेल महंगे हो गए हैं। उसी का असर भारत में भी दिख रहा है।
क्या आम रसोई का बजट बिगड़ा?
रसोई गैस के दाम बढ़ने का असर सीधे घर के बजट पर पड़ता है। हर महीने सिलेंडर लेने वाले परिवारों के खर्च बढ़ जाते हैं। पहले से ही खाने-पीने की चीजें महंगी चल रही हैं। अब गैस महंगी होने से परेशानी और बढ़ेगी। मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा परिवार ज्यादा प्रभावित होते हैं। क्योंकि उन्हें सब्सिडी भी नहीं मिलती। ऐसे में हर महीने का हिसाब गड़बड़ा जाता है। यही वजह है कि लोग गैस के हर दाम बदलाव पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं।
क्या देशभर में अलग अलग कीमतें?
भारत में गैस सिलेंडर की कीमत हर शहर में थोड़ी अलग होती है। इसकी वजह स्थानीय टैक्स और वैट होते हैं। दिल्ली में सिलेंडर अब 913 रुपये का हो गया है। मुंबई में इसकी कीमत 912.50 रुपये है। कोलकाता में यही सिलेंडर 939 रुपये में मिलेगा। वहीं चेन्नई में कीमत 928.50 रुपये है। यानी अलग-अलग राज्यों में थोड़ा फर्क दिखाई देता है। लेकिन कुल मिलाकर हर जगह कीमतें ऊपर गई हैं।
क्या उज्ज्वला योजना को राहत?
सरकार ने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को राहत दी है। इस योजना के तहत गरीब परिवारों को गैस पर सब्सिडी मिलती है। करीब 10 करोड़ परिवार इस योजना से जुड़े हैं। उन्हें हर सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी मिलती रहेगी। साल में 12 सिलेंडर तक यह फायदा मिलता है। यानी गरीब परिवारों पर कीमत बढ़ने का असर कम पड़ेगा। सरकार का कहना है कि योजना का मकसद गरीब परिवारों की रसोई को सुरक्षित और सुलभ बनाना है।
क्या होटल कारोबार पर दबाव?
घरेलू गैस के साथ-साथ कमर्शियल सिलेंडर भी महंगा हो गया है। होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो के सिलेंडर की कीमत 114.5 रुपये बढ़ा दी गई है। अब दिल्ली में यह सिलेंडर 1883 रुपये का हो गया है। दिलचस्प बात यह है कि मार्च की शुरुआत में ही इसमें 28 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। यानी सिर्फ इस साल कमर्शियल गैस 302.50 रुपये तक महंगी हो चुकी है। इसका असर होटल और खाने-पीने के कारोबार पर पड़ सकता है।
क्या पिछले साल भी बढ़े थे दाम?
एलपीजी की कीमतों में यह पहली बढ़ोतरी नहीं है। पिछले साल अप्रैल में भी गैस सिलेंडर 50 रुपये महंगा हुआ था। यानी करीब 11 महीनों में दूसरी बार दाम बढ़ाए गए हैं। तेल कंपनियां समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से कीमतें बदलती हैं। अगर दुनिया में कच्चे तेल और गैस के दाम बढ़ते हैं तो भारत में भी असर दिखता है। यही वजह है कि एलपीजी की कीमतें स्थिर नहीं रहतीं।
क्या आगे और महंगाई बढ़ेगी?
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या गैस के दाम आगे और बढ़ेंगे। ऊर्जा बाजार के जानकार मानते हैं कि सब कुछ वैश्विक हालात पर निर्भर करेगा। अगर पश्चिम एशिया का तनाव लंबा चला तो तेल और गैस महंगे रह सकते हैं। तब भारत में भी कीमतें ऊपर रह सकती हैं। लेकिन अगर हालात शांत होते हैं तो राहत मिल सकती है। फिलहाल आम परिवारों को अपने मासिक खर्च का हिसाब थोड़ा और कसकर रखना पड़ सकता है।


