‘डायपर लीक नहीं होते, पेपर लीक हो जाते हैं…’ NEET 2026 रद्द होने पर भड़के खान सर
NEET-UG 2026 रद्द होने के बाद देशभर के लाखों छात्र गुस्से और चिंता में हैं। इस पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया शिक्षक खान सर की आई। उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को जमकर लताड़ा और छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

नई दिल्ली: NEET-UG 2026 रद्द होने के बाद देशभर के लाखों छात्र गुस्से और चिंता में हैं। इस पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया शिक्षक खान सर की आई। उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को जमकर लताड़ा और छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। 3 मई को होने वाली परीक्षा पेपर लीक और गड़बड़ियों के चलते रद्द कर दी गई थी। खान सर ने कहा, “यह लाखों छात्रों की जिंदगी से खेलने जैसा है। उनका आत्मविश्वास टूट रहा है।”
2024 में भी हुआ था ऐसा, CBI जांच भी बेनतीजा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार खान सर ने याद दिलाया कि दो साल पहले 2024 में भी ठीक ऐसा ही हुआ था। तब भी CBI जांच हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। उन्होंने कहा, “सरकारी एजेंसियों को समझना चाहिए। जिसे हमने परीक्षा कराने का काम दिया है, उसे खुद नहीं पता कि उसे पेपर कराना है या लीक करना है। NTA का फुल फॉर्म 'Never Trustable Agency' कर देना चाहिए।”
डायपर लीक नहीं होते, पेपर लीक हो जाते हैं
खान सर ने सुरक्षा व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा, "बच्चों के 10 रुपये के डायपर लीक नहीं होते, लेकिन पेपर लीक हो जाते हैं।" उन्होंने CBI जांच पर भी सवाल उठाए। बोले, "जांच CBI करेगी। CBI से पीछा कब छूटेगा? अगर मामला CBI गया तो जांच तब तक चलेगी जब तक बच्चों की MBBS पूरी नहीं हो जाती।"
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज करें निगरानी
इस दौरान खान सर ने यह मांग की कि इस मामले की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से कराई जाए। उन्होंने पीएम मोदी और सुप्रीम कोर्ट से भी सीधे दखल की अपील करते हुए कहा, “जो भी जिम्मेदार है उसे कड़ी सजा मिले। अगर सजा नहीं मिली तो कल किसी और राज्य का नाम आएगा। इसी वजह से बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।”
700 अंक लाने वाले बच्चे डिप्रेशन में
खान सर ने बताया कि बार-बार परीक्षा रद्द होने से छात्रों पर बुरा असर पड़ रहा है। खासकर उन पर जिन्हें अच्छे नंबरों की उम्मीद थी। उन्होंने कहा, "सोचिए उन बच्चों का क्या होगा जिनके 700 से ज्यादा या 650 से ज्यादा अंक आ रहे थे। हर बच्चे की अपनी ताकत होती है। कोई टॉपर होता है, कोई सेलेक्ट होने वाला, कोई रैंक लाने वाला।"
कोचिंग बना अरबों का धंधा
खान सर ने कोचिंग इंडस्ट्री पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ संस्थानों ने शिक्षा को बिजनेस बना दिया है जो पेपर लीक और रैंक में गड़बड़ी से जुड़ा है। खान सर ने कहा, "इन्होंने कोचिंग को अरबों का धंधा बना दिया है। इनके लिए पेपर लीक कराना खेल बन गया है। कहीं और से टॉपर ले आना भी खेल है।"
सख्त कार्रवाई की मांग
उन्होंने कोचिंग नेटवर्क और परीक्षा सिस्टम की पूरी जांच की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा, "इनके खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए। सही जांच हो ताकि बच्चों का भविष्य बर्बाद न हो।" खान सर का मानना है कि यदि अभी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले सालों में और राज्यों के नाम भी ऐसे मामलों में आएंगे।


