नई दिल्ली: नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की तैयारियां तेज हो गई हैं. 21 जून को प्रस्तावित परीक्षा के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं. हालांकि, एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया के दौरान कई अभ्यर्थियों ने एक नई समस्या की शिकायत की है.
उनका कहना है कि बैंक डिटेल वेरिफिकेशन से जुड़ा एक विकल्प उन्हें भ्रमित कर रहा है, जिसके कारण कुछ छात्र फीस रिफंड पाने का मौका खो सकते हैं.
नीट यूजी 2026 का आयोजन मई में किया गया था, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई. इसके बाद सरकार ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया और अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क लौटाने की घोषणा भी की. फीस रिफंड की प्रक्रिया के लिए पहले ही उम्मीदवारों से बैंक खाते की जानकारी मांगी गई थी.
अब जब री-एग्जाम के एडमिट कार्ड जारी किए गए हैं, तब उम्मीदवारों को बैंक डिटेल्स वेरिफाई करने का विकल्प भी दिया जा रहा है. NTA का कहना है कि फीस रिफंड प्राप्त करने के लिए यह प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है. यहीं पर कई छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कुछ उम्मीदवारों का दावा है कि यदि वे बैंक डिटेल्स को दोबारा एडिट या वेरिफाई किए बिना आगे बढ़ जाते हैं, तो सिस्टम यह मान लेता है कि उन्होंने रिफंड प्रक्रिया में भाग नहीं लेने का विकल्प चुना है.
कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायतें साझा की हैं. उनका कहना है कि पहले से जमा की गई बैंक जानकारी के बावजूद दोबारा वेरिफिकेशन की जरूरत स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई. कुछ छात्रों का आरोप है कि यह प्रक्रिया भ्रम पैदा करने वाली है और इससे कई लोग अनजाने में रिफंड से वंचित हो सकते हैं.
शिक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि एडमिट कार्ड डाउनलोड करते समय उम्मीदवार बैंक डिटेल्स से जुड़े सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें. यदि वेरिफिकेशन या एडिट का विकल्प दिखाई दे तो उसे पूरा जरूर करें. किसी भी जानकारी को नजरअंदाज करने से रिफंड प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
री-एग्जाम की तैयारी के साथ-साथ उम्मीदवारों को तकनीकी प्रक्रियाओं पर भी ध्यान देना चाहिए. छोटी सी चूक फीस रिफंड जैसी महत्वपूर्ण सुविधा को प्रभावित कर सकती है. इसलिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करते समय हर चरण को ध्यानपूर्वक पूरा करना बेहद जरूरी है. First Updated : Monday, 15 June 2026