फिल्म उद्योग में बजट को लेकर हमेशा अलग-अलग आंकड़े सामने आते हैं, जिनमें से एक दर्शकों के बीच प्रचार के लिए बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है और दूसरा वास्तविक होता है. कन्नड़ फिल्म लूसिया का मामला भी कुछ ऐसा ही था, लेकिन दिलचस्प यह था कि दोनों ही बजट खुद को वास्तविक आंकड़े होने का दावा करते थे.
लूसिया को पवन कुमार ने निर्देशित किया था और यह कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की पहली क्राउड-फंडेड फिल्म थी. इस फिल्म ने दर्शकों से सीधे फंड इकट्ठा करने की शुरुआत की थी, जिसमें करीब 51 लाख रुपये जुटाए गए थे. हालांकि, फिल्म की प्रक्रिया के दौरान निर्माताओं को महसूस हुआ कि इस बजट में एक ऐसी फिल्म नहीं बनाई जा सकती, जैसा वे चाहते थे. इसके बाद, कुछ निवेशकों को जोड़ने में सफलता मिली और बजट बढ़कर 1.1 करोड़ रुपये हो गया.
पवन कुमार ने बैंगलोर मिरर से बातचीत में बताया कि फिल्म के असल रूप को देखकर उन्होंने महसूस किया कि बजट को थोड़ा और बढ़ाना पड़ेगा, ताकि उनका विज़न पूरी तरह से साकार हो सके. फिल्म के निर्माताओं ने इसे "क्राउड-फंडेड" कहने की बजाय "क्राउड-सोर्स्ड" फिल्म करार दिया, क्योंकि यह फिल्म दर्शकों से जुटाए गए फंड से ज्यादा एक सामूहिक प्रयास का परिणाम थी.
लूसिया की रिलीज के बाद फिल्म ने वित्तीय सफलता हासिल की. फिल्म ने 2.5 करोड़ रुपये की कमाई की, जो इसके वास्तविक निर्माण बजट से कहीं अधिक था. इसके अलावा, फिल्म के सैटेलाइट अधिकार 1 करोड़ रुपये में बिके, जिससे इसकी सफलता को और भी मजबूती मिली.
2013 में रिलीज़ होने के बाद, लूसिया ने कन्नड़ सिनेमा में एक नई लहर पैदा की और इसकी अभिनव कहानी और कंसेप्ट को सराहा गया. सतीश निनासम, श्रुति हरिहरन और अच्युत कुमार ने इस फिल्म में प्रमुख भूमिकाएँ निभाई और उनकी अदायगी को भी काफ़ी सराहा गया. First Updated : Friday, 21 March 2025