Entertainment News: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने वाले बॉडीबिल्डर और एक्टर वरिंदर सिंह घुमन का अमृतसर में निधन हो गया। उनकी उम्र मात्र 42 साल थी। डॉक्टरों ने बताया कि वे बाइसेप्स की हल्की चोट के इलाज के लिए पहुंचे थे। यह छोटा सा ऑपरेशन था और उसी दिन घर लौटना था। लेकिन ऑपरेशन के दौरान अचानक दिल की धड़कन रुक गई। डॉक्टरों ने काफी कोशिश की लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। यह खबर सुनकर फिटनेस जगत और फिल्म इंडस्ट्री में गहरा सदमा फैल गया।
वरिंदर घुमन दुनिया के पहले शाकाहारी प्रोफेशनल बॉडीबिल्डर के रूप में मशहूर थे। उनका विशाल शरीर और अनोखी डाइट इस धारणा को तोड़ती थी कि ताकत बनाने के लिए मांस जरूरी है। लोग उन्हें ‘इंडिया का ही-मैन’ कहते थे। उनकी मेहनत और सख्त अनुशासन ने हजारों युवाओं को जिम से जुड़ने और हेल्दी लाइफ अपनाने के लिए प्रेरित किया। भारत ही नहीं, विदेशों में भी उनके प्रशंसक थे। उनकी अचानक मौत से पूरी फिटनेस बिरादरी स्तब्ध है।
गुरदासपुर में जन्मे और जालंधर में पले-बढ़े वरिंदर ने बॉडीबिल्डिंग की शुरुआत गुरु रंधीर हस्तीर के मार्गदर्शन में की। 2009 में उन्होंने मिस्टर इंडिया का खिताब जीता और एशियन चैम्पियनशिप में दूसरा स्थान पाया। 2013 में अर्नोल्ड क्लासिक चैम्पियनशिप में हॉलीवुड स्टार अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें एशिया में अपने फिटनेस प्रोडक्ट्स का चेहरा बनाया। इस मौके ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उन्होंने आईएफबीबी प्रो कार्ड भी हासिल किया और भारत का प्रतिनिधित्व कई वैश्विक प्रतियोगिताओं में किया।
वरिंदर ने फिल्मों में भी अपनी छाप छोड़ी। 2012 में उन्होंने पंजाबी फिल्म कबड्डी वन्स अगेन में लीड रोल निभाया। 2014 में उन्होंने बॉलीवुड फिल्म Roar: Tigers of the Sundarbans से डेब्यू किया। इसके बाद वे मरजावां (2019) में भी नज़र आए। लेकिन 2023 में सलमान खान की ब्लॉकबस्टर टाइगर 3 में उनका किरदार सबसे यादगार रहा। उन्होंने पाकिस्तानी जेल गार्ड शकील का रोल निभाया। सलमान खान और कैटरीना कैफ के साथ उनके सीन दर्शकों को खूब पसंद आए।
मंगलवार को वरिंदर अकेले जालंधर से अमृतसर इलाज के लिए आए थे। बाइसेप्स की चोट का इलाज बेहद आसान बताया गया था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। ऑपरेशन के दौरान अचानक उनका दिल धड़कना बंद हो गया। कई कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए। परिवार को तुरंत सूचना दी गई। थोड़ी ही देर में अस्पताल में उनके चाहने वालों की भीड़ लग गई। हर कोई स्तब्ध था कि एक मजबूत और फिट इंसान इतनी जल्दी दुनिया छोड़ सकता है।
वरिंदर का जीवन अनुशासन और हिम्मत का प्रतीक था। छोटे शहर से निकलकर उन्होंने भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाया। शाकाहारी जीवनशैली अपनाकर उन्होंने यह मिथक तोड़ा कि बॉडीबिल्डिंग के लिए मांस जरूरी है। उनकी सख्त मेहनत और लगन ने उन्हें फिल्मों और खेल दोनों में खास जगह दिलाई। आज वे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं। उनकी उपलब्धियाँ हमेशा याद रखी जाएँगी।
उनकी मौत की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलियों की बाढ़ आ गई। एक्टर्स, एथलीट्स और प्रशंसकों ने उन्हें महान इंसान और प्रेरणादायी शख्स बताया। फिटनेस ट्रेनर्स ने उन्हें ऐसा मार्गदर्शक कहा, जिसने युवाओं का हमेशा हौसला बढ़ाया। फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने उनकी सादगी और विनम्रता को याद किया। पंजाब से लेकर मुंबई तक हर कोई शोक में है। वरिंदर सिंह घुमन का सफर भले ही जल्दी खत्म हो गया, लेकिन उनकी कहानी आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। First Updated : Thursday, 09 October 2025