लोकप्रिय कॉमेडियन और लेखक कविराज सिंह बीते हफ्ते सोशल मीडिया पर एक बड़े विवाद में फंस गए हैं. वजह बनीं उनके पुराने स्टैंडअप एक्ट्स, जिनमें महिलाओं के लिए आपत्तिजनक भाषा और सेक्सिस्ट जोक्स शामिल थे. जिसके बाद कई महिला कॉमिक्स और अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी कविराज को सोशल मीडिया पर जमकर फटकार लगाई. हालांकि, 'भारत के बिल बूर' कहे जाने वाले कविराज को ना सिर्फ अपने फैंस का, बल्कि देश के कई कॉमेडियन का भी समर्थन मिल रहा है.
कविराज सिंह कॉमिक, लेखक और प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने The Viral Fever (TVF), Great Indian Laughter Challenge और Being Indian जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स के लिए काम किया है. वर्तमान में वो ‘पॉकेट चेंज’ चैनल के हेड हैं. बतौर स्टैंडअप कॉमेडियन, उनके वीडियो इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लाखों बार देखे जाते हैं. उनका हालिया कॉमेडी स्पेशल ‘Are women becoming men?’ यूट्यूब पर 2.7 मिलियन व्यूज बटोर चुका है, जिसकी शॉर्ट्स और रील्स सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं- कुछ लोग तारीफ कर रहे हैं तो कुछ आलोचना.
कंटेंट क्रिएटर अमन पांडे ने कविराज सिंह का एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की तुलना सेक्स वर्कर्स से करते दिख रहे हैं. वीडियो में अपमानजनक शब्द का प्रयोग किया गया था, जिस पर अमन ने लिखा- भारतीय स्टैंडअप अब इन्सेल कमेंट्स और WhatsApp अंकल के जोक्स तक गिर गया है. इसके बाद सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो भी वायरल हुए, जिनमें कविराज ने महिलाओं की तुलना भैंस से करते हुए फेमिनिज्म का मज़ाक उड़ाया और महिलाओं को ‘खाना बनाने की मशीन’ कहा.
कविराज के यूट्यूब चैनल पर फैंस लगातार उनका समर्थन कर रहे हैं. कई लोगों ने तो ₹2000 से लेकर डॉलर में डोनेशन तक भेजा. एक यूजर ने लिखा- कृपया ये वीडियो हटाना मत. सच्चाई बोलने के लिए धन्यवाद. सलाम. वहीं एक अन्य ने लिखा- ब्रेकअप और डिप्रेशन से जूझ रहे पुरुषों के लिए तुमने आवाज उठाई, हंसी और आंसू एक साथ आ गए. कई यूजर्स ने कविराज की तुलना बिल बूर से करते हुए इसे गर्व की बात बताया.
कॉमिक्स के बीच भी कविराज को समर्थन मिल रहा है. Comicstaan Season 1 के विनर निशांत सूरी ने एक वीडियो जारी कर कहा कि कॉमिक्स पाखंडी हैं. जब राइट विंग हमला करता है, तो ‘फ्री स्पीच’ का नारा लगाते हैं, लेकिन जब कोई कॉमिक्स खुद जोक करे, तो बैन की मांग करते हैं.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कविराज ने कहा कि मैं अमन पांडे कौन हैं, ये नहीं जानता था, जब तक मेरे दोस्तों ने वीडियो नहीं दिखाया. उन्होंने कहा कि स्टैंडअप कॉमेडी एक हॉरर फिल्म जैसी होती है जहां शॉक के साथ पंचलाइन आती है. मैंने कल्चर शिफ्ट की बात की थी, कि पहले जिस चीज को समाज हेय दृष्टि से देखता था, अब उसे सराहा जा रहा है. मेरा निशाना प्रोफेशन पर नहीं, उस सोच पर था.
जब उनसे पूछा गया कि उनके जोक्स को सेक्सिस्ट क्यों माना जा रहा है, कविराज ने कहा कि लोग कह रहे हैं जोक्स सेक्सिस्ट हैं, हो सकते हैं उनके लिए हों, लेकिन मेरे लिए नहीं. मैंने किसी को नीचा दिखाने के लिए नहीं लिखा, मेरा उद्देश्य सिर्फ फनी बनाना था. जब मैंने ‘कमा ओ भक’ लिखा था, तब महिलाओं ने तारीफ की थी क्योंकि जोक का निशाना पुरुष थे. अब निशाना महिलाएं हैं और मैं एक पत्रकार से बात कर रहा हूं.
First Updated : Friday, 01 August 2025