सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण को एक हजार साल हुए पूरे, महमूद गज़नवी ने किया था हमला
महमूद गज़नवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण को एक हजार साल पूरे हो चुके हैं. जनवरी 1026 में मंदिर को ध्वस्त कर अपार धन-संपदा लूटी गई थी.
Somnath Temple Attack: सोमनाथ मंदिर पर महमूद गज़नवी के आक्रमण को एक हजार वर्ष पूरे हो चुके हैं. जनवरी 1026 में हुआ यह हमला भारतीय सभ्यता के एक प्रमुख प्रतीक पर बर्बर हमला था, जिसमें मंदिर को ध्वस्त कर अपार धन-संपदा लूटी गई. हजारों भक्तों की रक्षा करते हुए बलिदान हुआ, फिर भी आस्था की ज्योति बुझ नहीं पाई. यह विध्वंस की नहीं, अपराजेय संकल्प की गाथा है. हर बार तोड़े जाने पर सोमनाथ बार-बार उठ खड़ा हुआ. राजा भीमदेव और परमार राजा भोज से लेकर अहिल्याबाई होल्कर तक अनेक महानुभावों ने इसका पुनर्निर्माण किया. स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से 1951 में मंदिर पुनः भक्तों के लिए खोला गया. आज 2026 में सोमनाथ खड़ा है भारतीय संस्कृति की अमरता का प्रतीक बनकर. यह हमें सिखाता है कि घृणा विनाश कर सकती है, किंतु श्रद्धा और धैर्य सृजन की शक्ति रखते हैं. सोमनाथ की यह यात्रा भारत के पुनरुत्थान की प्रेरणा है.


