दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: कांग्रेस ने AAP का वोट शेयर घटाकर बीजेपी को जितवाया! जानें कैसे मारी सेंध?

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में एक बड़ा उलटफेर हुआ है! बीजेपी ने 27 साल बाद सत्ता में वापसी की, वहीं AAP को भारी हार का सामना करना पड़ा. लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि AAP की हार में कांग्रेस का बड़ा हाथ था. कांग्रेस ने AAP के वोट शेयर में सेंधमारी कर दी, जिससे बीजेपी को फायदा हुआ. अब ये सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस की यह रणनीति AAP के लिए मुश्किलें और बढ़ा देगी? जानिए पूरी खबर और क्या-क्या बदलाव आए दिल्ली की सियासत में!

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Edited By: Aprajita

New Delhi: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में एक बड़ा उलटफेर हुआ है. जहां बीजेपी ने अपनी 27 साल पुरानी सरकार से बाहर रहने की 'वनवास' यात्रा को खत्म किया, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) को करारी हार का सामना करना पड़ा. दिल्ली की सियासी तस्वीर बदलने में इस बार कांग्रेस का अहम हाथ रहा, जिसे आमतौर पर चुनाव में पीछे रहने वाली पार्टी माना जाता है.

दिल्ली में बीजेपी की बड़ी जीत: 48 सीटें, AAP की हार का बड़ा कारण कांग्रेस!

इस चुनाव में बीजेपी ने 48 सीटों पर जीत दर्ज की और आम आदमी पार्टी (AAP) सिर्फ 22 सीटों पर सिमट कर रह गई. हालांकि, जो सबसे ज्यादा चौंकाने वाला था, वह था AAP का वोट शेयर घटना. AAP का वोट प्रतिशत 43.57% था, जो पिछले चुनाव के मुकाबले 10% कम हुआ. वहीं कांग्रेस ने 6.34% वोट शेयर प्राप्त किया, हालांकि कांग्रेस को सीटें नहीं मिलीं, लेकिन इसने AAP के वोट बैंक में सेंधमारी कर दी.

कांग्रेस ने AAP के वोट बैंक में किया शिफ्ट

अगर वोट शेयर के आंकड़ों को देखें, तो यह साफ दिखता है कि कांग्रेस का बढ़ा हुआ वोट शेयर, दरअसल AAP के वोटों का ही हिस्सा था. 2020 के चुनाव में AAP ने 53.57% वोट शेयर के साथ 62 सीटें जीती थीं. लेकिन इस बार AAP का वोट शेयर 10% घटा. वहीं कांग्रेस ने 2% अधिक वोट हासिल किए हैं, जो साफ दर्शाता है कि कांग्रेस ने AAP के वोट बैंक में घुसपैठ की है.

कांग्रेस के वोटों में 2% की वृद्धि, AAP को खटका ज्यादा

इस बार बीजेपी और AAP के बीच केवल 1.99% का अंतर था, जबकि कांग्रेस ने इस चुनाव में 2% वोट शेयर बढ़ाया है. इसका मतलब यह है कि कांग्रेस ने AAP को और Owaisi की AIMIM और मायावती की BSP से ज्यादा झटका दिया. वहीं, मायावती की पार्टी BSP को सिर्फ 55,066 वोट मिले हैं, जबकि Owaisi की AIMIM को 73,032 वोट. इस बार, नोटा (NOTA) को भी कई पार्टियों से ज्यादा वोट मिले हैं, यानी कई पार्टियों की तुलना में NOTA का वोट शेयर अधिक था.

क्या था AAP का घाटा?

साल 2020 में AAP का वोट शेयर 53.57% था, लेकिन इस बार ये घटकर 43.57% रह गया. वोट शेयर में 10% की कमी का मतलब साफ है कि AAP ने अपने कुछ अहम वोट खो दिए और इसका पूरा फायदा कांग्रेस को मिला. वहीं, बीजेपी का वोट प्रतिशत इस बार 45.56% रहा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस ने AAP के लिए मुश्किलें खड़ी की और बीजेपी को अपने 27 साल बाद सत्ता में वापसी करने का मौका दिया.

फैसले का असर और सोशल मीडिया पर चर्चाएं

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे और वोट शेयर के आंकड़े यह बताने के लिए पर्याप्त हैं कि इस चुनाव में कांग्रेस ने कड़े मुकाबले में अपनी भूमिका निभाई. सोशल मीडिया पर भी यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कुछ का कहना है कि कांग्रेस ने AAP को कमजोर किया, वहीं कुछ लोगों का मानना है कि कांग्रेस की वापसी की राह अब और आसान हो सकती है.

नोटा और पार्टियों के वोट शेयर के आंकड़े:

बीजेपी: 45.56% वोट शेयर
AAP: 43.57% वोट शेयर (10% घटा)
कांग्रेस: 6.34% वोट शेयर (2% की बढ़त)
NOTA: 0.57% वोट शेयर
BSP: 0.58% वोट शेयर
AIMIM: 0.77% वोट शेयर

इस चुनाव में दिल्ली की सियासी फिजा पूरी तरह से बदल गई है. अब देखना होगा कि कांग्रेस इस बढ़त का फायदा कैसे उठाती है और क्या AAP अपनी छवि को सुधारने में कामयाब होगी!

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