7 सांसदों के टूटने पर AAP का पहला रिएक्शन आया सामने

अपने सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने की खबरों के बीच आम आदमी पार्टी का पहला रिएक्शन सामने आया है. पार्टी के मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि पंजाब की जनता कभी माफ नहीं करेगी.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने की घोषणा के बाद पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. AAP के मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस फैसले की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि जो सांसद बीजेपी में जाने का निर्णय ले रहे हैं, उन्हें पंजाब की जनता कभी माफ नहीं करेगी.

ढांडा ने क्या आरोप लगाया? 

ढांडा ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम पंजाब में चल रही भगवंत मान सरकार को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है, जिसे जनता भली-भांति समझ रही है. उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में AAP की सरकार अच्छा काम कर रही है और मुख्यमंत्री भगवंत मान लोगों के हित में फैसले ले रहे हैं. ऐसे समय में विपक्ष द्वारा ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है. 

ढांडा के मुताबिक, पार्टी के सांसदों को तोड़ने के लिए केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी और सीबीआई का डर दिखाया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है. AAP ने यह भी आरोप लगाया कि दबाव और भय का माहौल बनाकर सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है. पार्टी का कहना है कि जिन लोगों ने पहले किसानों के खिलाफ कानूनों का समर्थन किया, वही अब किसानों के हितैषी बनने का दावा कर रहे हैं, जो पूरी तरह से विरोधाभासी है. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे नेताओं पर जनता कैसे भरोसा करेगी.

AAP ने जताया भरोसा

AAP ने भरोसा जताया कि पंजाब की जनता इस घटनाक्रम को ध्यान से देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी. पार्टी ने कहा कि इससे पहले भी जब-जब AAP के साथ विश्वासघात हुआ है, तब जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से उसका जवाब दिया है और इस बार भी ऐसा ही होगा.

वहीं, दूसरी ओर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने का ऐलान करते हुए कहा कि वह AAP के दो-तिहाई सांसदों के साथ बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि यह फैसला संविधान के प्रावधानों के तहत लिया गया है. चड्ढा ने AAP पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने अपने खून-पसीने से खड़ा किया, वह अब अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक चुकी है.

AAP से क्यों अलग हुए राघव?

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें महसूस हो रहा था कि वे गलत पार्टी में हैं. अब पार्टी देशहित के बजाय निजी स्वार्थों के लिए काम कर रही है. इसी कारण उन्होंने AAP से अलग होकर नया राजनीतिक रास्ता चुनने का निर्णय लिया है, ताकि वह जनता के और करीब रहकर काम कर सकें.

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