विपक्षी नेता का हैरान करने वाला बयान मोदी सरकार भगाओ, बांग्लादेश स्टाइल आंदोलन लाओ!

आईएनएलडी के प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने एक सभा को संबोधित करते हुए बीजेपी सरकार को हटाने की बात की. उन्होंने संबोधन में कहा कि अगर मोदी सरकार को हटाना है तो बांग्लादेश जैसा आंदोलन करना होगा.

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नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में एक बार फिर विवादास्पद बयान ने हलचल मचा दी है. इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी) के प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने हाल ही में एक सभा में कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार को सत्ता से हटाने के लिए पड़ोसी देशों जैसे विरोध प्रदर्शनों की जरूरत है. उनके इस बयान ने भाजपा नेताओं को आक्रोशित कर दिया है और सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से चर्चा का विषय बन गया है.

चौटाला का विवादित बयान

अभय सिंह चौटाला ने एक वीडियो में श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि इन देशों में युवाओं ने बड़े आंदोलनों के जरिए सरकारों को बदलने पर मजबूर किया. उन्होंने सुझाव दिया कि भारत में भी ऐसी ही रणनीति अपनाकर वर्तमान सरकार को हटाया जा सकता है.

यह बयान एक जनसभा में दिया गया था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है. चौटाला का कहना था कि युवाओं को संगठित होकर ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे सत्ता परिवर्तन हो सके. 

भाजपा का कड़ा विरोध

भाजपा ने इस बयान को लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ बताया है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे संवैधानिक व्यवस्था के लिए खतरा करार दिया. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना के नाम पर भारत विरोधी सोच दिखा रहे है. पूनावाला ने एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि ऐसे बयान डॉ. अंबेडकर के संविधान का अपमान है और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करते है. 

इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस बयान को भारत विरोधी नैरेटिव का हिस्सा बताया. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी जैसे बड़े विपक्षी नेता भी ऐसी बातों को बढ़ावा दे रहे हैं, जो देश की राजनीतिक स्थिरता को चुनौती देते है. 

हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने भी चौटाला के बयान पर सवाल उठाए. उन्होंने चौटाला परिवार के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे बयान लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है और इनकी विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं.  First Updated : Saturday, 03 January 2026