कुकिंग गैस के बाद हवाई यात्रा पर दिखने लगा US-ईरान जंग का असर, Air India ने टिकट पर बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज

पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब भारत की हवाई यात्रा पर दिखने लगा है. जेट ईंधन महंगा हुआ. एयर इंडिया ने टिकट पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया. यात्रियों को अब ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव ने अब आम यात्रियों की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है.एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया है.कंपनी का कहना है कि जेट ईंधन की कीमत अचानक बढ़ गई है.इसका सीधा असर उड़ानों के खर्च पर पड़ा है.एयरलाइंस के लिए उड़ान चलाना अब पहले से महंगा हो गया है.इसलिए कंपनी ने टिकट के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है.इस फैसले के बाद हवाई यात्रा थोड़ी और महंगी हो जाएगी.

घरेलू उड़ान भी महंगी होगी ?

एयर इंडिया ने बताया कि सबसे पहले असर घरेलू उड़ानों पर दिखेगा.भारत के अंदर चलने वाली फ्लाइट टिकट लगभग 399 रुपये तक महंगी हो सकती है.SAARC देशों के लिए जाने वाली उड़ानों पर भी यही बढ़ोतरी लागू होगी.कंपनी इसे चरणों में लागू कर रही है.यानी एक साथ नहीं बल्कि धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी.यात्रियों को टिकट बुक करते समय ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं.आने वाले दिनों में कीमत और बढ़ सकती है.

विदेश जाने वाली उड़ानों पर सरचार्ज बढ़ा

विदेश जाने वाली उड़ानों पर असर और ज्यादा दिखेगा.पश्चिम एशिया जाने वाली फ्लाइट पर लगभग 10 डॉलर सरचार्ज बढ़ा दिया गया है.दक्षिण-पूर्व एशिया की उड़ानों पर यह बढ़ोतरी करीब 20 डॉलर तक पहुंच गई है.अफ्रीका जाने वाली उड़ानों पर 30 डॉलर तक बढ़ोतरी हुई है.इसका मतलब साफ है कि इंटरनेशनल टिकट अब पहले से महंगे होंगे.लंबी दूरी की उड़ानों का खर्च और बढ़ सकता है.यात्रियों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा.

आखिर ईंधन इतना महंगा क्यों?

इस पूरे मामले की जड़ जेट ईंधन की कीमत है.मार्च 2026 की शुरुआत से ही एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी ATF के दाम तेजी से बढ़े हैं.पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव के कारण तेल सप्लाई प्रभावित हुई है.कई समुद्री रास्तों पर भी दबाव बढ़ गया है.इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हुआ है.जब तेल महंगा होता है तो जेट ईंधन भी महंगा हो जाता है.और इसका असर सीधे हवाई यात्रा पर पड़ता है.

क्या गैस के बाद उड़ान महंगी?

दिलचस्प बात यह है कि यह असर सिर्फ उड़ानों तक सीमित नहीं है.दो दिन पहले भारत में एलपीजी सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए थे.घरेलू सिलेंडर लगभग 60 रुपये महंगा हुआ.कमर्शियल सिलेंडर करीब 115 रुपये महंगा हुआ.कई जगह लोगों ने गैस की कमी की खबरें भी सुनीं.हालांकि सरकार ने साफ कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है.गैस की सप्लाई सामान्य रखने के निर्देश दिए गए हैं.

एयरलाइंस पर इतना दबाव क्यों?

एयरलाइन कंपनियों के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा ईंधन पर जाता है.लगभग 40 प्रतिशत ऑपरेशन लागत सिर्फ ATF पर खर्च होती है.जब ईंधन महंगा होता है तो कंपनियों का खर्च तेजी से बढ़ता है.दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में ATF पर टैक्स भी ज्यादा है.इसमें एक्साइज ड्यूटी और वैट शामिल है.इस वजह से एयरलाइंस पर और दबाव बढ़ जाता है.कंपनियों को टिकट महंगे करने पड़ते हैं.

आगे और महंगा होगा सफर?

एयर इंडिया ने साफ कहा है कि सरचार्ज तीन चरणों में लागू होगा.अभी सिर्फ शुरुआती बढ़ोतरी लागू हुई है.अगर पश्चिम एशिया में तनाव जल्द खत्म नहीं हुआ तो स्थिति बदल सकती है.तेल की कीमत और बढ़ सकती है.ऐसी स्थिति में हवाई यात्रा और महंगी हो सकती है.विशेषज्ञ मानते हैं कि यह असर लंबे समय तक रह सकता है.यात्रियों को आने वाले महीनों में ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है.

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