बंगाल के बर्धमान रेलवे स्टेशन पर भगदड़, कम से कम 12 लोग घायल

बर्धमान रेलवे स्टेशन पर भीड़ के दबाव से भगदड़ मच गई, जिसमें 10 से 12 यात्री घायल हुए. रेलवे ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और भीड़ प्रबंधन की खामियों की जांच के आदेश दिए.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पश्चिम बंगाल के बर्धमान रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब प्लेटफॉर्म पर एक साथ तीन ट्रेनें खड़ी हो गईं और यात्रियों की भारी भीड़ अचानक से अनियंत्रित हो गई. इस भगदड़ में 10 से 12 यात्री घायल हो गए. घायलों में महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं. इनमें से छह लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है जिन्हें बर्धमान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल सभी का इलाज जारी है.

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब प्लेटफॉर्म नंबर 4, 6 और 7 पर एक साथ तीन ट्रेनें आकर खड़ी हो गईं. ट्रेन पकड़ने की जल्दी में यात्री बड़ी संख्या में फुट ओवरब्रिज की ओर दौड़ पड़े. प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 6 को जोड़ने वाले पुल की सीढ़ियां बेहद संकरी थीं. अचानक भीड़ बढ़ने से यहां दबाव इतना ज्यादा हो गया कि यात्रियों का संतुलन बिगड़ने लगा. कुछ लोग सीढ़ियों पर फिसलकर गिर गए और पीछे से आ रही भीड़ ने भगदड़ का रूप ले लिया.

अफरा-तफरी और दहशत

जैसे ही यात्रियों को अहसास हुआ कि वे सीढ़ियों पर फंस गए हैं, दहशत फैल गई. लोग जान बचाने के लिए एक-दूसरे को धक्का देने लगे. इस दौरान कई यात्री गिर पड़े और पीछे से आ रही भीड़ ने उन्हें रौंद दिया. अफरा-तफरी का आलम यह था कि कुछ देर के लिए स्टेशन का माहौल पूरी तरह अनियंत्रित हो गया. कई यात्रियों ने रेल अधिकारियों और सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर सवाल उठाए.

घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया

सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आया. बचाव दल ने तुरंत घायलों को भीड़ से निकालकर पास के बर्धमान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया. राहत कार्य में रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भी मदद की. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया और जिनकी हालत गंभीर थी उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया.

जांच के आदेश

रेलवे अधिकारियों ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं. प्राथमिक जानकारी के अनुसार, भीड़ प्रबंधन की खामियों और प्लेटफॉर्म पर एक साथ कई ट्रेनों के आने को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है. अधिकारियों ने कहा कि जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा और गार्ड क्यों नहीं मौजूद थे.

यात्रियों की नाराज़गी

घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने नाराज़गी जाहिर की. उनका कहना था कि छुट्टी के दिन भीड़ का अंदाजा पहले से था, लेकिन इसके बावजूद न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई और न ही भीड़ को संभालने के लिए कोई खास कदम उठाए गए. कई यात्रियों का आरोप था कि स्टेशन पर घोषणाएं भी समय पर नहीं हुईं, जिससे लोगों में और घबराहट फैल गई.

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