'बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं झट से पहचान लेती हैं' प्रियंका गांधी का सदन में मोदी सरकार पर सबसे बड़ा तंज
प्रियंका गांधी ने आज लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पर बात करते हुए सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का जमकर विरोध किया.

नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने महिला आरक्षण का पूरा समर्थन किया, लेकिन उसे परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जोड़ने का विरोध किया. प्रियंका ने कहा कि सरकार इस प्रक्रिया को बहाने के तौर पर इस्तेमाल कर रही है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा तंज कसते हुए कहा, “बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं झट से पहचान लेती हैं. कोई भी महिला आपको यह बता देगी.” यह टिप्पणी सदन में काफी चर्चित रही.
प्रियंका का परिसीमन पर सवाल
प्रियंका गांधी ने बताया कि बिल के ऊपरी रूप में कोई दिक्कत नहीं दिखती, लेकिन असली मुद्दा परिसीमन का है. यह प्रतिनिधित्व से जुड़ा सवाल है. उन्होंने कहा कि 2023 में जब मूल बिल पेश हुआ था, तब कांग्रेस ने उसका समर्थन किया था. आज भी महिला आरक्षण में कोई शक नहीं है, लेकिन नए संशोधन का कांग्रेस विरोध करती है.
उन्होंने तीनों विधेयकों की जल्दबाजी पर सवाल उठाया. प्रियंका का कहना था कि प्रधानमंत्री इसलिए घबरा रहे हैं क्योंकि नई जनगणना से ओबीसी के सही आंकड़े सामने आ जाएंगे. तब उनके अनुपात में आरक्षण देना पड़ेगा. इसलिए 2011 की जनगणना को आधार बनाकर ओबीसी वर्ग का हक छीना जा रहा है.
प्रियंका ने लोकतंत्र पर खतरा बताया
प्रियंका ने चेतावनी दी कि अगर यह विधेयक परिसीमन के साथ पारित हुआ तो लोकतंत्र पर खुला हमला होगा. उन्होंने कहा, “इस देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा.” बिल की गहराई में राजनीति की बू आती है, भले ही पीएम कहें कि इसमें कोई राजनीतिक लाभ नहीं है.
2023 के बिल में नई जनगणना का जिक्र था, लेकिन अब वह बात गायब है. प्रियंका ने पूछा, “आखिर इतनी जल्दबाजी क्यों? पीएम किस बात से घबरा रहे हैं?” उन्होंने अमित शाह पर भी तंज कसा और कहा कि अगर चाणक्य होते तो शर्मसार हो जाते.
ओबीसी को लेकर जताई चिंता
प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा कि ओबीसी वर्ग को अपना हक मिलना चाहिए. पीएम ने हल्के में कहा कि बाद में देख लेंगे, लेकिन यह मुद्दा हल्का नहीं है. कांग्रेस इन तीनों विधेयकों का सख्त विरोध करती है और डटकर खड़ी रहेगी.
यह बहस संसद के विशेष सत्र में हुई, जहां महिला आरक्षण को लोकसभा सीटों के विस्तार से जोड़ा गया है. प्रियंका का भाषण विपक्ष की मजबूत आवाज के रूप में सामने आया है.


