अयोध्या ऐतिहासिक दीपोत्सव: अद्भुत नजारे के साथ बने 2 वर्ल्ड रिकॉर्ड, क्या बोले- CM योगी

Ayodhya Deepotsav 2 World Records: अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन किया गया. इसमें 2 बड़े रिकॉर्ड बन गए. यहां अठारह झांकियों को रामचरितमानस के प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुत किया गया. आइये जानें CM योगी क्या बोले और 2 रिकॉर्ड कौन से बने है?

Shyamdatt Chaturvedi

Ayodhya Deepotsav 2 World Records: अयोध्या में सरयू नदी के घाटों पर दीपोत्सव 2024 के दौरान एक भव्य लेजर शो का आयोजन हुआ. ये दीपावली की पूर्व संध्या पर मनाया गया. इस साल का दीपोत्सव विशेष रूप से महत्वपूर्ण था, क्योंकि जनवरी में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहला दीपोत्सव था. सबसे खास बात की यहां दीपोत्सव के दौरान एक साथ दो रिकॉर्ड बन गए. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम, सीता और लक्ष्मण का चित्रण कर रहे कलाकारों को लेकर एक रथ का संचालन किया, जो भगवान राम के अयोध्या लौटने का प्रतीक था. कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं केशव प्रसाद मौर्य भी इस उत्सव में उपस्थित थे.

दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बने

दीपोत्सव के दौरान दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाए गए. उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन अयोध्या और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित किया गया था. ये दोनों पुरस्कार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राप्त किए.

पहला पुरस्कार: ‘दीया रोटेशन’ में सबसे अधिक लोगों द्वारा एक साथ प्रदर्शन करने के लिए मिला
दूसरा पुरस्कार: 25,12,585 तेल के दीयों को एक साथ जलाए जाने के लिए दिया गया

दीपों का अद्भुत नजारा

सरयू नदी के किनारों पर 25 लाख दीयों का प्रकाश किया गया, जो अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक था और एकता की भावना को बढ़ावा देने वाला दृश्य प्रस्तुत कर रहा था. यह नजारा सभी के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव था.

मुख्यमंत्री का संबोधन

दीपोत्सव के आठवें संस्करण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या का यह रूप "डबल इंजन सरकार" के विकास कार्यों का प्रमाण है. उन्होंने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि 500 वर्षों के बाद, भगवान राम का अयोध्या में दिवाली के लिए आगमन हुआ है. उन्होंने वर्ष 2047 में देश की स्वतंत्रता के 100 साल पूरे होने तक काशी और मथुरा को भी अयोध्या की तरह चमकाने का संकल्प लिया.

योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि आंदोलन में शामिल सभी संतों और 3,50,000 से अधिक शहीदों को नमन करते हुए कहा कि मैं उन सभी संतों और शहीदों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपने जीवन का बलिदान दिया ताकि भगवान राम का मंदिर अयोध्या की धरती पर बन सके.

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