कर्नाटक के मंत्री डी सुधाकर का निधन, लंबी बीमारी के बाद बेंगलुरु में ली अंतिम सांस

कर्नाटक सरकार को लगा बड़ा झटका है. योजना एवं सांख्यिकी मंत्री डी सुधाकर का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे कांग्रेस नेता ने बेंगलुरु के अस्पताल में अंतिम सांस ली.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

कर्नाटक की राजनीति से रविवार को एक दुखद खबर सामने आई. राज्य के योजना एवं सांख्यिकी मंत्री डी सुधाकर का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह 66 वर्ष के थे. पिछले दो महीनों से फेफड़ों के संक्रमण का इलाज करा रहे सुधाकर ने रविवार तड़के अंतिम सांस ली.

डी सुधाकर का इलाज बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्थित कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में चल रहा था. अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में उनके निधन की पुष्टि की गई. उनके निधन की खबर से कांग्रेस नेताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है.

अस्पताल ने जारी किया मेडिकल बुलेटिन

कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. आर चिन्णादुरई ने मेडिकल बुलेटिन में कहा, "माननीय मंत्री श्री सुधाकर डी, 66 वर्ष, को 10.05.2026 को सुबह 3.15 बजे कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, इलेक्ट्रॉनिक सिटी में मृत घोषित कर दिया गया. डी सुधाकर पिछले दो महीनों से फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे थे और अस्पताल में उनका इलाज जारी था.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे डी सुधाकर

डी सुधाकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे. वह चित्रदुर्ग जिले की हिरियूर विधानसभा सीट से विधायक थे. इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार में योजना एवं सांख्यिकी मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी.

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण वह कांग्रेस संगठन और क्षेत्रीय राजनीति में एक अहम चेहरा माने जाते थे.

डीके शिवकुमार ने जताया शोक

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने डी सुधाकर के निधन पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि उनके निधन से अत्यंत दुःख हुआ है.

डीके शिवकुमार ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, हमारे मंत्रिमंडल सहयोगी डी. सुधाकर का आज निधन हो गया, जो बीमारी से जूझ रहे थे और हमारे करीबी सहयोगी भी थे. उनके निधन से गहरा दुख हुआ है. हिरियूर के विधायक, चित्रदुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री और राज्य योजना एवं सांख्यिकी मंत्री के रूप में कार्य कर चुके डी. सुधाकर ने अनुकरणीय जनसेवा की थी. यह अत्यंत दुखद है कि सुधाकर अपने पीछे परिवार, रिश्तेदार और अनगिनत समर्थक छोड़ गए हैं.

उन्होंने आगे कहा, "मैं प्रार्थना करता हूं कि ईश्वर डी. सुधाकर की आत्मा को शाश्वत शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दें.

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