बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी ने खेला बड़ा दांव, बेरोजगार युवाओं के लिए मासिक भत्ते का ऐलान

तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल चुनाव के लिए घोषणा पत्र जारी कर महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए कई बड़े वादे किए हैं. ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए लोगों से एकजुट होकर चुनाव लड़ने की अपील की है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. इस मौके पर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जनता से एकजुट रहने की अपील करते हुए बीजेपी के खिलाफ मजबूती से खड़े होने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि अगर केंद्रीय एजेंसियां लोगों को डराने या प्रभावित करने की कोशिश करें, तो उनसे घबराने की जरूरत नहीं है. 

बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये की सहायता का वादा 

उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी ताकतें पैसे और हथियारों के जरिए राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश करती हैं, लेकिन उनकी सरकार सभी धर्मों और समुदायों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है. घोषणापत्र में महिलाओं और युवाओं के लिए कई अहम वादे किए गए हैं. ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये देने की बात कही गई है. इसके अलावा बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है. 

सरकार ने यह भी दावा किया कि राज्य MSME सेक्टर में अग्रणी है, जहां करीब 1.5 करोड़ लोग काम कर रहे हैं और चमड़ा उद्योग यहां का प्रमुख उद्योग बन चुका है. चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में दो चरणों में मतदान कराया जाएगा. पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग होगी, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान किया जाएगा. चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी रहेंगी.

भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी ममता बनर्जी

उम्मीदवारों की सूची भी जारी कर दी गई है, जिसमें ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी. शशि पांजा को मणिकतला से टिकट दिया गया है, जबकि सोहम चक्रवर्ती को चांदीपुर और टेहटा से उम्मीदवार बनाया गया है. वहीं, ज्योतिप्रिय मलिक को हाबरा सीट से मैदान में उतारा गया है. कुछ नेताओं को इस बार टिकट नहीं मिलने से पार्टी के भीतर हलचल भी देखने को मिल रही है.

घोषणापत्र में किसानों, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर खास जोर दिया गया है. 30,000 करोड़ रुपये का कृषि बजट बनाने, हर परिवार को पक्का घर देने और हर घर तक पाइप से पानी पहुंचाने का वादा किया गया है. ‘दुआरे चिकित्सा’ के जरिए हर इलाके में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और ‘बांग्लार शिक्षायतन’ योजना के तहत स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की बात भी शामिल है. इसके साथ ही, राज्य को पूर्वी भारत का व्यापारिक केंद्र बनाने और नए जिलों के गठन का भी वादा किया गया है.

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