National News: बिहार की राजनीति में शुक्रवार को हलचल तब बढ़ी जब भाजपा ने विधायक प्रमोद कुमार को मोतिहारी से प्रत्याशी बनाने का ऐलान कर दिया। राज्य के मंत्री मंगल पांडेय ने सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच से उनके नाम की घोषणा की। पांडेय ने जनता से अपील की कि वे कुमार को दोबारा जिताकर एनडीए को मजबूत करें। सीट शेयरिंग अभी तय नहीं हुई, लेकिन भाजपा ने यह कदम उठाकर अपनी रणनीति साफ कर दी। घोषणा के दौरान मंगल पांडेय ने महागठबंधन की सीट शेयरिंग पर तंज कसा।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को अब तक यह तय नहीं हो पाया कि उनका ‘दूल्हा’ कौन होगा। पांडेय ने कहा कि आपसी खींचतान से उनकी चुनावी रणनीति कमजोर हो रही है। उन्होंने दावा किया कि जहां एनडीए एकजुट और स्पष्ट है, वहीं विपक्ष उलझनों में फंसा हुआ है। यह हमला सुनकर भाजपा समर्थकों ने जोरदार तालियां बजाईं।
मंगल पांडेय ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर जो एआई वीडियो फैलाया है, उसने उसकी सच्चाई देश के सामने ला दी है। उन्होंने इसे न केवल मोदी की मां का, बल्कि देश की हर मां का अपमान बताया। पांडेय ने कहा कि कांग्रेस ने गांधीवादी राजनीति छोड़कर गालीवादी राजनीति अपनाई है।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि कांग्रेस का यह कदम महिलाओं और गरीबों का सीधा अपमान है। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मां जैसे पवित्र रिश्ते को निशाना बनाना गलत है। पांडेय ने जनता से अपील की कि वे ऐसे दलों को नकारें जो अपमान की राजनीति करते हैं और उन नेताओं का साथ दें जो विकास की बात करते हैं।
भाजपा ने प्रत्याशी का नाम घोषित कर विकास का मुद्दा चुनावी बहस के केंद्र में ला दिया है। पांडेय ने कहा कि एनडीए की सरकार में बिहार ने बिजली, सड़क और ढांचागत सुविधाओं में प्रगति की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोबारा सरकार बनने पर राज्य को और आगे बढ़ाया जाएगा। भाजपा मानती है कि जल्दी उम्मीदवार तय करने से प्रचार में बढ़त मिलेगी।
इधर विपक्षी महागठबंधन अब तक सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बना पाया है। राजद, कांग्रेस और वाम दलों के बीच खींचतान जारी है। भाजपा का मानना है कि यह देरी विपक्ष की कमजोरी को दर्शाती है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जब विपक्ष खुद तय नहीं कर पा रहा, तब जनता उनसे क्या उम्मीद करेगी।
भाजपा के इस कदम से बिहार का चुनावी मुकाबला और तेज हो गया है। भाजपा ने एक ओर विपक्ष की कमजोरी को उजागर किया है तो दूसरी ओर कांग्रेस के विवादित वीडियो को मुद्दा बनाया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विपक्षी दल इस चुनौती का जवाब कैसे देंगे। साफ है कि बिहार का चुनावी रण अब और भी दिलचस्प होने वाला है। First Updated : Saturday, 13 September 2025