बिहार के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है. बुधवार सुबह 11 बजे लोकभवन में सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. वे बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं.इसके साथ ही राज्य सरकार में पहली बार जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री नियुक्त किए जाएंगे. सम्राट चौधरी के साथ जदयू की ओर से वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी मंत्री पद की शपथ लेंगे तथा उपमुख्यमंत्री का दायित्व संभालेंगे.
शपथग्रहण के बाद राज्य मंत्रिमंडल में मंत्रियों के 33 पद रिक्त रहेंगे. बंगाल चुनाव के बाद मंत्रिमंडल विस्तार के आसार हैं.
नई सरकार का दावा पेश करने के दौरान लोकभवन में शिवराज चौहान, ललन सिंह, जीतन राम मांझी, संजय झा, विजय चौधरी, अरुण भारती आदि एनडीए के प्रमुख नेता मौजूद थे.
इससे पहले विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में मंगलवार शाम साढ़े चार बजे एनडीए विधानमंडल दल की बैठक हुई. नीतीश कुमार, शिवराज सिंह चौहान समेत एनडीए के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में सम्राट को नेता चुना गया. इसके बाद नीतीश कुमार ने सम्राट को माला पहनायी. वहीं, सम्राट ने नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. नीतीश कुमार ने वहां मौजूद सभी नेताओं से ताली भी बजवायी. इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैबिनेट की आखिरी बार बैठक की और दोपहर करीब तीन बजे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. राज्यपाल ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया. हालांकि, नई सरकार के शपथग्रहण तक वह कार्यवाहक सीएम बने रहेंगे.
एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया. इसका प्रस्ताव कार्यवाहक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रखा, जिसपर सभी ने अपनी सहमति दी. नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने लोकभवन जाकर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.) सय्यद अता हसनैन के समक्ष नई सरकार के गठन का दावा पेश किया. राज्यपाल ने सम्राट चौधरी का दावा स्वीकार करते हुए उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया.
एनडीए विधानमंडल दल का नया नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार का सपना देखा है, हम तमाम भाई मिलकर इसे पूरा करेंगे. बिहार को विकसित बनाएंगे और देश को भी विकसित करेंगे.
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है. कैसे सरकार चलायी जाती है, कैसे बिहार में सुशासन स्थापित होगा. बिहार के लोकतंत्र के लिए क्या ठीक है. मुझे सरकार के सुशासन को जाति-धर्म से ऊपर उठकर समाज के निचले पायदान तक पहुंचाना है. सभी वरिष्ठ नेताओं को आश्वस्त करता हूं कि भाजपा की जो विचारधारा है, भारत को सबसे पहले और सर्वश्रेष्ठ मानने का, पार्टी को सबसे आगे खड़ा करने का, उस काम को हम करते रहेंगे. First Updated : Wednesday, 15 April 2026