नई दिल्ली: सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए नई ट्रांसफर नीति के तहत आवेदन प्रक्रिया इसी महीने शुरू होने जा रही है. शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि 29 जुलाई से विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे. नई नीति को लेकर शिक्षकों में काफी उत्सुकता है, खासकर इस बात को लेकर कि पहले चरण में कितने तबादले किए जाएंगे.
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल तबादलों की कोई निश्चित संख्या तय नहीं की गई है. पोर्टल पर प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों पर नियमों के अनुसार विचार किया जाएगा. हालांकि, स्थानांतरण की प्रक्रिया विभिन्न श्रेणियों और तय प्राथमिकताओं के आधार पर पूरी की जाएगी.
नई नीति के तहत पहले चरण में 7 अगस्त से 9 सितंबर तक एडजस्टमेंट और रैशनलाइजेशन की प्रक्रिया चलेगी. इस दौरान यह आकलन किया जाएगा कि किन विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात संतुलित है और कहां शिक्षकों की आवश्यकता अधिक है. इसी आधार पर तर्कसंगत निर्णय लेकर शिक्षकों का एडजस्टमेंट किया जाएगा.
वहीं, म्युचुअल ट्रांसफर यानी आपसी सहमति से दो शिक्षकों द्वारा स्थान बदलने के मामलों पर जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर की स्थापना समितियां निर्णय लेंगी. इस श्रेणी के आवेदनों पर 10 से 14 सितंबर के बीच विचार किया जाएगा. विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था के तहत यह प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी होगी.
जो शिक्षक अपने जिले या प्रखंड के भीतर सामान्य तबादला चाहते हैं, उन्हें थोड़ा इंतजार करना होगा। शिक्षा विभाग के अनुसार, विद्यालयों में रिक्त पदों की संशोधित सूची 16 सितंबर तक जारी कर दी जाएगी. इसके बाद 17 से 23 सितंबर तक सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन लिए जाएंगे.
विभाग ने यह भी बताया है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी. पोर्टल पर प्राप्त सभी आवेदनों की नियमित निगरानी की जाएगी और शिक्षकों को अपनी पसंद के विद्यालयों के विकल्प भरने का अवसर मिलेगा. अंतिम पदस्थापन संबंधित विद्यालयों में उपलब्ध रिक्तियों और निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा. शिक्षा विभाग का कहना है कि नई ट्रांसफर नीति का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और निष्पक्ष बनाना है, ताकि शिक्षकों की तैनाती विद्यालयों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार की जा सके. First Updated : Sunday, 19 July 2026