पटना कोचिंग विवाद में खान सर को राहत मिलेगी या बढ़ेंगी मुश्किलें? एंटिसिपेटरी बेल पर सुनवाई पूरी, 10 जुलाई को आएगा फैसला

पटना के चर्चित कोचिंग विवाद में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.

Sonee Srivastav

पटना: बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद में खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर को लेकर चल रहे मामले में अदालत ने अहम कदम उठाया है. उनकी अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब इस मामले में 10 जुलाई को निर्णय सुनाया जाएगा.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 2 जून की रात राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में दो कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद और कथित फायरिंग से जुड़ा है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी. इसके आधार पर कदमकुआं थाना में खान सर, उनके दो सुरक्षा कर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

कोर्ट में हुई सुनवाई

पटना सिविल कोर्ट के जिला जज रूपेश कुमार देव की अदालत में बुधवार को खान सर और उनके तीन सहयोगियों की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना और इसके बाद आदेश सुरक्षित रख लिया. अब 10 जुलाई को अदालत अपना फैसला सुनाएगी.

किन लोगों ने लगाई है जमानत याचिका?

इस मामले में खान सर के साथ उनके सहयोगी अजीत कुमार, कन्हैया कुमार सिंह और अंकित कुमार पांडेय ने भी एंटिसिपेटरी बेल की मांग की है. वहीं, घटना से जुड़े दो सुरक्षा गार्डों की नियमित जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई. दोनों गार्ड फिलहाल बेउर जेल में बंद हैं. इन सभी मामलों पर अदालत एक साथ फैसला सुनाएगी.

विरोध पक्ष ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से खान सर की जमानत का विरोध किया गया. उनका कहना था कि जमानत याचिका में कथित रूप से पूरी आपराधिक पृष्ठभूमि का उल्लेख नहीं किया गया है. इसके बाद अदालत ने संबंधित जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे और अगली सुनवाई के लिए 8 जुलाई की तारीख तय की थी.

10 जुलाई पर टिकी नजर

अब इस पूरे मामले में अदालत का फैसला 10 जुलाई को आएगा. इस निर्णय पर न केवल दोनों पक्षों की नजर है, बल्कि शिक्षा जगत और खान सर के समर्थकों की भी खास निगाह बनी हुई है. अदालत का फैसला इस बहुचर्चित मामले की आगे की कानूनी दिशा तय करेगा.

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