बिहार का अगला CM कौन? किसे मिलेगी डिप्टी सीएम की कुर्सी?

बिहार की राजनीति एक बार फिर नए मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद राज्य की सियासी तस्वीर अचानक बदल गई है. लगभग दो दशकों से बिहार की सत्ता का केंद्र रहे नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के फैसले के बाद अब राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: बिहार की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताने के बाद से ही सियासी हलचल तेज हो गई है. अब हर किसी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?

सीएम की कुर्सी पर आखिर कौन बैठेगा, क्या बीजेपी फ्रंट सीट पर आएगी, और डिप्टी सीएम के लिए किसे चुना जाएगा. इन सभी सवालों ने बिहार की राजनीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है.

बिहार में सत्ता का नया फार्मूला क्या होगा?

सियासी हलकों में चर्चा है कि पहली बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का नेता बिहार का मुख्यमंत्री बन सकता है. ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि बीजेपी किस चेहरे को राज्य की कमान सौंपेगी और जेडीयू की ओर से कौन उपमुख्यमंत्री बनेगा.

 

बिहार में लंबे समय से बीजेपी और जेडीयू की साझा सरकार चलती रही है. इस दौरान मुख्यमंत्री की कुर्सी जेडीयू के पास रही, जबकि बीजेपी उपमुख्यमंत्री पद संभालती रही. यही मॉडल पिछले दो दशकों से राज्य की राजनीति का आधार रहा है.

2005 से 2013 तक बीजेपी ने केवल एक उपमुख्यमंत्री बनाया था, जबकि 2017 के बाद मुख्यमंत्री पद नीतीश कुमार के पास रहने के बदले बीजेपी ने दो उपमुख्यमंत्री बनाए. अब जब मुख्यमंत्री पद बीजेपी के पास जाने की चर्चा है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि जेडीयू को एक उपमुख्यमंत्री पद मिलेगा या दो.

बीजेपी से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कौन-कौन?

बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन पार्टी किसे यह जिम्मेदारी सौंपेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है. पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं.

इस सूची में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, मंत्री दिलीप जायसवाल और पांच बार के विधायक संजीव चौरसिया के नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं.

सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय सबसे मजबूत दावेदार

मुख्यमंत्री पद की रेस में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को फिलहाल सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है. बिहार के गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे सम्राट चौधरी को प्रशासन और राजनीति दोनों का अनुभव है. वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं. कुशवाहा समाज से आने के कारण वे 'लव-कुश' सामाजिक समीकरण में भी फिट बैठते हैं.

दूसरी ओर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी मुख्यमंत्री पद के लिए प्रमुख दावेदारों में शामिल है. नित्यानंद राय को अमित शाह का करीबी माना जाता है और वे 2019 से केंद्र सरकार में मंत्री हैं. वे पहले बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं. यादव समुदाय से आने के कारण वे राज्य की जातीय राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

जेडीयू से कौन बनेगा डिप्टी सीएम?

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद जेडीयू के भीतर भी बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है. यदि मुख्यमंत्री बीजेपी से बनता है, तो जेडीयू को उपमुख्यमंत्री का पद मिलने की संभावना है.

अब यह देखना अहम होगा कि जेडीयू अपनी ओर से किस नेता को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपती है.

क्या निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री होगी?

नीतीश कुमार के दिल्ली की राजनीति में जाने के बाद यह भी चर्चा है कि उनके बेटे निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं. माना जा रहा है कि उन्हें विधान परिषद भेजा जा सकता है और पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है.

सियासी चर्चाओं के मुताबिक, सरकार के नए समीकरण के तहत जेडीयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है. ऐसे में निशांत कुमार का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. इसके अलावा जेडीयू किसी सवर्ण या अतिपिछड़ी जाति के नेता को भी डिप्टी सीएम बना सकती है, जिसमें विजय चौधरी समेत कई नाम चर्चा में हैं.

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