Chennai Thermal Power Plant : थर्मल पॉवर प्लांट में बड़ा हादसा, 9 की मौत.. PM मोदी ने जताई संवेदना, मुआवजे का भी किया ऐलान

Chennai Thermal Power plant Accident : चेन्नई के एन्नोर क्षेत्र स्थित थर्मल पॉवर प्लांट में एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें नौ उत्तर भारतीय निर्माण मजदूरों की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद घायलों को तुरंत स्टेनली मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. यह हादसा निर्माण कार्य के दौरान हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है. प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं.

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Chennai Thermal Power plant Accident : उत्तर चेन्नई के एनोर स्थित थर्मल पावर स्टेशन के निर्माण स्थल पर मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया. घटना उस समय हुई जब निर्माणाधीन एक 30 फीट ऊंचा आर्च अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आकर 9 प्रवासी मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक घायल हो गए. यह हादसा इतना अचानक और भयावह था कि वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई.

मलबे में दबे मजदूर, चल रहा है राहत एवं बचाव कार्य
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरा हुआ आर्च कई मजदूरों पर सीधे गिरा, जिससे कई मजदूर मलबे में दब गए. बचाव दल ने तुरंत राहत अभियान शुरू किया और मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया. एक मजदूर की हालत नाजुक बताई जा रही है, जबकि कई अन्य को गंभीर चोटें आई हैं. घायलों को तुरंत स्टेनली सरकारी अस्पताल, नॉर्थ चेन्नई भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है.

हादसे के कारणों की जांच शुरू
अवाडी पुलिस आयुक्त ने जानकारी दी कि इमारत ढहने के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है. फिलहाल बचाव अभियान जारी है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है. मौके पर भारी पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमें मौजूद हैं. प्रशासन हादसे के कारणों की गहराई से जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके.

फरवरी की घटना से मिलती-जुलती त्रासदी
गौरतलब है कि फरवरी 2025 में मदुरै के मट्टुथवानी बस स्टैंड पर भी एक समान त्रासदी घटित हुई थी, जब 1981 में बने एक प्रतिष्ठित आर्च को तोड़ने के दौरान एक खंभा गिर गया था. उस हादसे में एक अर्थमूवर ऑपरेटर की मौत हो गई थी और एक ठेकेदार गंभीर रूप से घायल हुआ था. वह आर्च पांचवें विश्व तमिल सम्मेलन के अवसर पर एम.जी. रामचंद्रन के शासनकाल में बनाया गया था, जो सड़क विस्तार के काम में बाधा बन रहा था.

सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
इन दो घटनाओं ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस तरह से लगातार निर्माणाधीन ढांचों के गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, यह संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों के पालन पर चिंताजनक संकेत देते हैं. अब देखना यह होगा कि जांच के बाद किन व्यक्तियों या ठेकेदारों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है, और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं.


PM मोदी ने जताया शोक, घोषित किया मुआवजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है और प्रधानमंत्री घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं. प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. इसके अलावा, घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी. यह मुआवजा सीधे प्रभावितों के बैंक खातों में भेजा जाएगा. First Updated : Tuesday, 30 September 2025