पुलिस हिरासत में CJP संस्थापक अभिजीत दिपके? सोनम वांगचुक के आग्रह पर खत्म किया अनशन
परीक्षा सुधारों को लेकर 'संसद चलो' मार्च के दौरान CJP ने दावा किया कि उसके संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया, हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है. वहीं, पार्टी का कहना है कि सरकार ने बातचीत का प्रस्ताव भेजा है और CJP का प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों पर चर्चा के लिए केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात करेगा.

नई दिल्ली: परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जारी प्रदर्शन के बीच CJP ने यह दावा किया है कि संसद की ओर मार्च के दौरान उसके संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया है. हालांकि इस दावे पर दिल्ली पुलिस की ओर कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
सरकार की ओर से आया बातचीत का प्रताव
वहीं इसके साथ ही पार्टी द्वारा ये दावा भी किया गया है कि पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों पर चर्चा करेगा. सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया है और वह तथा आशुतोष रांका CJP की तरफ से बातचीत में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि संगठन की मांगें स्पष्ट हैं और बड़ी संख्या में छात्र आंदोलन के समर्थन में जुटे हुए हैं. इससे पहले भी दास ने कहा था कि संगठन हमेशा बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं दिखाई दी थी.
🚨#JustIn: DIPKE HAS BEEN PICKED UP BY THE POLICE!
WE REQUEST ALL MPs TO IMMEDIATELY STAND IN SUPPORT OF THE STUDENTS ON THE STREETS!
THE POLICE IS BRUTALLY CRACKING DOWN AND BEATING UP PEACEFUL PROTESTERS.— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
अभिजीत दिपके ने समापत किया अपना अनशन
दूसरी ओर, खबर सामने आई है कि अभिजीत दिपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आग्रह पर अपना अनशन समाप्त कर दिया है. बता दें, सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्होंने समर्थन में भूख हड़ताल शुरू की थी. वहीं लंबी भूख हड़ताल के चलते स्वास्थ्य बिगड़ने पर सोनम वांगचुक को 18 जुलाई को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में भी वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल जारी है.
अस्पताल प्रशासन को लिखा पत्र
सोनम वांगचुक ने आज यानी सोमवार स्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर को कुछ समय के लिए डिस्चार्ज देने का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत अब सामान्य है और वह 'संसद चलो' मार्च में शामिल होना चाहते हैं. अपने पत्र में उन्होंने दावा किया कि उनके सभी स्वास्थ्य संबंधी पैरामीटर सामान्य हैं और अगर उन्हें अस्थायी रूप से अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति मिलती है तो वह इसके लिए आभारी रहेंगे. लेकिन इस अनुरोध के बाद भी सोनम वांग्चुग प्रदर्शन में नहीं हो सकें.
बातचीत से क्या निकलेगा हल
उधर, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोका जा सके. प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच प्रस्तावित बातचीत से कोई क्या समाधान निकलता है या नहीं.


