NEET विवाद: जेपी नड्डा से CJP की मुलाकात, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत रखीं 3 बड़ी मांगें

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जे.पी. नड्डा से मुलाकात की. यह बैठक करीब 10 मिनट तक चली, जिसमें संगठन की ओर से कई अहम मांगें सामने रखी गई हैं.

Yashika Jandwani

नई दिल्ली: NEET परीक्षा में अनियमितताओं और परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जे.पी. नड्डा से मुलाकात की. सरकार की ओर से संपर्क किए जाने के बाद हुई यह बैठक करीब 10 मिनट तक चली, जिसमें संगठन की ओर से कई अहम मांगें सामने रखी गईं. क्या है वो तीन मांगे जो पार्टी के नेताओं द्वारा जे.पी. नड्डा के सामने रखी गई है, चलिए जानते है. 

क्या है वो तीन मांगे

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बैठक के दौरान तीन प्रमुख मांगें रखी हैं. इनमें नेताओं की पहली मांग सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने की है. इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई है. हालांकि सरकार की ओर से फिलहाल इन मांगो को लेकर कोई भी जबाव सामने नहीं आया है. 

इस बीच, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में संदेश जारी किया है. बता दें, लंबे समय से अनशन पर बैठे वांगचुक ने आंदोलन को जारी रखने की अपील की है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने की मांग पर जोर दिया है.

जंतर-मंतर पर तनावपूर्ण हुई स्थिति 

जानकारी के अनुसार, बैठक के कुछ समय बाद जंतर-मंतर पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई. प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें सामने आई.  पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कार्रवाई की. वहीं घटनास्थल पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के जंतर-मंतर पहुंचने के बाद भीड़ बढ़ गई, जिसके चलते हालात कुछ समय के लिए नियंत्रण से बाहर हो गए. इस दौरान कुछ स्थानों पर धक्का-मुक्की और पत्थरबाजी की भी सूचना मिली.

दिल्ली पुलिस ने बल के प्रयोग से किया इनकार 

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज या बल प्रयोग के आरोपों से इनकार किया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए, लेकिन किसी प्रकार की अत्यधिक बल प्रयोग की कार्रवाई नहीं की गई.

उधर, सोनम वांगचुक ने अपने अनशन को समाप्त करने के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. उन्होंने कहा है कि अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था में सामने आई समस्याओं और पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करती है या संसद में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने का भरोसा दिया जाता है, तो वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार कर सकते हैं. अब आंदोलन के अगले चरण और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

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