आरजी कर बलात्कार केस में सबूत नष्ट करने के मामले में अदालत ने नए सिरे से दिए जांच के आदेश
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बंगाल के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 2024 में एक डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले में कथित तौर पर सबूत नष्ट करने के आरोप में नए सिरे से जांच का आदेश दिया है.

कोलकाता: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वर्ष 2024 में हुई महिला डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या की घटना से जुड़े कथित सबूतों को नष्ट किए जाने के मामले में दोबारा जांच के आदेश दिए हैं. अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के संयुक्त निदेशक (पूर्वी क्षेत्र) की निगरानी में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया है. यह टीम पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेगी.
अदालत ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने पीड़िता के परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को गंभीर मानते हुए एसआईटी को हर पहलू की निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया. अदालत ने कहा कि जांच में यह पता लगाया जाए कि कहीं साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें मिटाने की कोशिश तो नहीं की गई. साथ ही, अदालत ने एसआईटी को अपनी विस्तृत रिपोर्ट 25 जून तक उच्च न्यायालय में पेश करने का निर्देश दिया है.
उच्च न्यायालय ने सीबीआई को यह भी आदेश दिया कि घटना वाली रात से लेकर अगले दिन शव के अंतिम संस्कार तक की पूरी घटनाक्रम की दोबारा समीक्षा की जाए. अदालत का मानना है कि मामले के कई पहलुओं को और गहराई से समझने की आवश्यकता है, ताकि सच्चाई सामने आ सके.
इस दौरान केंद्रीय एजेंसी को यह अधिकार दिया गया है कि वह जांच के लिए जरूरी समझे जाने वाले किसी भी व्यक्ति से पूछताछ कर सके. अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके.
पूरे देश में व्यापक आक्रोश
गौरतलब है कि यह मामला सामने आने के बाद पूरे देश में व्यापक आक्रोश देखने को मिला था. डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई जगह विरोध प्रदर्शन भी किए थे. इस घटना ने अस्पतालों में कार्यरत महिला चिकित्सकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए थे. अब अदालत के नए आदेश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.


