PM ने जनता से तेल बचाने की अपील की, फिर रक्षा मंत्री ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग! हुआ गहरा मंथन
रविवार (10 मई 2026) को हैदराबाद में भाजपा की रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से सीधा आग्रह किया कि वे पेट्रोल-डीजल का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करें।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तेल और ऊर्जा बचत की अपील के बाद केंद्र सरकार ने बड़े स्तर पर सक्रियता दिखाई है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार (11 मई 2026) को अचानक एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर रखने वाले मंत्रियों के समूह को भी शामिल किया गया। इस बैठक में क्षेत्रीय तनाव और उससे जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
पीएम मोदी ने जनता से की ये अपील
आपको बताते चलें कि रविवार (10 मई 2026) को हैदराबाद में भाजपा की रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से सीधा आग्रह किया कि वे पेट्रोल-डीजल का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करें। उन्होंने वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए एहतियाती कदम उठाने की बात कही और इसे सिर्फ सरकारी चुनौती नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के चरित्र की परीक्षा बताया।
नरेंद्र मोदी ने सुझाव दिया कि शहरों में मेट्रो का ज्यादा इस्तेमाल हो, कार पूलिंग को बढ़ावा मिले, इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी जाए और सामान भेजने के लिए रेल सेवाओं का उपयोग किया जाए। साथ ही जहां संभव हो, वहां घर से काम करने की आदत को फिर से अपनाने की अपील की।
कोरोना काल का हवाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना के समय हमने घर से काम करना, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल बैठकें जैसी व्यवस्थाएं सीख ली थीं। अब फिर से इन्हें अपनाने का समय है। उन्होंने एक साल के लिए सोने की खरीदारी और विदेश यात्राओं को टालने का भी आह्वान किया ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।
मोदी ने खाद्य तेल की खपत घटाने, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। उनका मकसद था कि वैश्विक संकट के इस दौर में देश को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जाए।
अश्विनी वैष्णव ने दोहराई बात
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को सीआईआई के एक कार्यक्रम में इस अपील को दोहराते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध जल्द थमने के आसार नहीं दिख रहे हैं। इसलिए हर नागरिक को विदेशी मुद्रा बचाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव लाकर मुद्रा संरक्षण के साथ-साथ मुद्रा कमाने के नए तरीके खोजने की बात कही।
पीएम मोदी के बयान पर क्यों भड़का विपक्ष
इस अपील पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया तीखी रही। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे सरकार की नाकामी का सबूत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री जनता से सोना न खरीदने, पेट्रोल कम इस्तेमाल करने, विदेश यात्रा टालने और खाने-पीने की चीजों में कटौती जैसे त्याग की अपील कर रहे हैं। राहुल का कहना था कि यह उपदेश नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी से बचने का तरीका है।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार बार-बार नागरिकों पर बोझ डाल रही है जबकि मूल समस्या पर ध्यान नहीं दे रही है। देश में फिलहाल ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव साफ दिख रहा है। ऐसे में सरकार की यह मुहिम कितनी प्रभावी साबित होती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। आम लोगों की भागीदारी और सरकारी प्रयासों के तालमेल से ही इस चुनौती से निपटा जा सकता है।


