अरविंद केजरीवाल ने LPG की कमी से परेशान लोगों की आवाज उठायी तो ट्रेंड हुआ #KejriwalOnLPGShortage
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश में एलपीजी उत्पादन में 50 प्रतिशत गिरावट का दावा कर केंद्र पर हमला बोला है. गैस की किल्लत से छोटे व्यापारियों और आम जनता में भारी हड़कंप मचा है.

नई दिल्ली : देश में रसोई गैस की भारी किल्लत ने अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की एक हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया है. केजरीवाल ने दावा किया है कि देश में एलपीजी का उत्पादन अब आधा रह गया है. जिससे न केवल आम आदमी की रसोई ठंडी पड़ रही है. बल्कि छोटे व्यापारियों के सामने भी रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है.
उत्पादन में भारी गिरावट का दावा
अरविंद केजरीवाल ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केंद्र सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि आज देश एक ऐसी कठिन स्थिति से गुजर रहा है जहाँ बुनियादी ईंधन भी लोगों को उपलब्ध नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि एलपीजी के घरेलू उत्पादन में 50 प्रतिशत तक की अभूतपूर्व कमी आई है. इस वजह से गैस की उपलब्धता दिन-ब-दिन कम होती जा रही है और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह से टूट गई है. जिससे जनता में भारी आक्रोश है.
छोटे व्यापारों पर अस्तित्व का संकट
गैस संकट का सबसे भयानक असर देश के खाद्य उद्योग और छोटे कारोबारियों पर पड़ा है. दिल्ली. मुंबई. बेंगलुरु और चेन्नई जैसे महानगरों में हजारों छोटे रेस्टोरेंट. ढाबे और क्लाउड किचन अब बंद होने की कगार पर पहुँच गए हैं. सरकार के नए आदेशों के बाद व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग ठप हो गई है. कई दुकानदारों के पास मात्र दो से चार दिन का ही स्टॉक बचा है. यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई. तो ये व्यापार हमेशा के लिए खत्म हो सकते हैं.
नौकरियों पर मंडराता बेरोजगारी का खतरा
इस संकट का सीधा संबंध अब लाखों लोगों के रोजगार और उनकी रोजी-रोटी से जुड़ा हुआ है. फूड इंडस्ट्री में काम करने वाले रसोइया. वेटर और डिलीवरी पार्टनर अब अपनी नौकरी जाने के डर में जी रहे हैं. केजरीवाल ने आगाह किया कि अगर गैस की सप्लाई सुचारू नहीं हुई. तो लाखों परिवारों के सामने आर्थिक तबाही का मंजर होगा. यह केवल ईंधन की कमी नहीं है. बल्कि एक ऐसी मानवीय आपदा है जो मध्यम और निम्न वर्ग की कमर पूरी तरह तोड़ देगी.
शादियों के सीजन में बढ़ी मुश्किलें
पूरे देश में फिलहाल शादी-ब्याह और अन्य महत्वपूर्ण पारिवारिक समारोहों का सीजन चल रहा है. ऐसे समय में गैस की किल्लत ने लोगों की खुशियों में खलल डाल दिया है. हलवाइयों और कैटरिंग सर्विस वालों को बुकिंग पूरी करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. केजरीवाल ने कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे. तो लोगों को अपने निजी और महत्वपूर्ण समारोह तक टालने पड़ सकते हैं. यह अब एक आर्थिक संकट से आगे बढ़कर एक गहरा सामाजिक संकट बन गया है.
अब तक का सबसे कमजोर केंद्र नेतृत्व
केंद्र सरकार को घेरते हुए केजरीवाल ने उसे देश का अब तक का सबसे कमजोर नेतृत्व करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी ताकतों के दबाव में ऐसे फैसले ले रही है जिसका खामियाजा देश के निर्दोष नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है. सोशल मीडिया पर #KejriwalOnLPGShortage के जरिए लोग सरकार से सीधा जवाब मांग रहे हैं. यह मुद्दा अब केवल गैस सप्लाई का नहीं. बल्कि देश की प्रगति और आम आदमी के बुनियादी अधिकारों से जुड़ा एक बड़ा राष्ट्रीय सवाल बन चुका है.


