नई दिल्ली: मालवीय नगर इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. दक्षिणी दिल्ली के एक होटल में लगी आग में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए. मरने वालों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की बताई जा रही है. हादसे के बाद अब प्रशासन और सरकार सख्त कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल को सीमित कमरों की अनुमति मिली थी, लेकिन वहां कथित तौर पर कई गुना ज्यादा कमरे संचालित किए जा रहे थे. इसी को लेकर अब होटल मालिक और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. प्रशासन यह जांच कर रहा है कि क्या होटल और रेस्टोरेंट संचालन के लिए सभी जरूरी मंजूरियां ली गई थी या नहीं.
दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि इस अग्निकांड के जिम्मेदार लोगों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि होटल मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पुलिस जांच के बाद गिरफ्तारी भी होगी.
मंत्री ने बताया कि होटल के दस्तावेज, फायर सेफ्टी रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात खंगाले जा रहे हैं. साथ ही नगर निगम, फायर विभाग, बिजली और पानी विभाग को आसपास चल रही ऐसी सभी इमारतों की जांच के निर्देश दिए गए हैं. नियमों का उल्लंघन मिलने पर इमारतों को सील किया जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और प्रशासन राहत व बचाव कार्य में लगातार जुटा हुआ है. उन्होंने घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बात भी कही.
उपराष्ट्रपति, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी हादसे पर दुख जताया है. सभी नेताओं ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
फिलहाल पुलिस और फायर विभाग की जांच जारी है. प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई और सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया. First Updated : Wednesday, 03 June 2026