दिल्ली में समय से पहले ही भीषण गर्मी की दस्तक, मार्च के पहले हफ्ते में ही 35°C के पार पहुंचा पारा
दिल्ली-एनसीआर में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी तेज हो गई है. लगातार चार दिनों से तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल राहत की उम्मीद कम है और प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है.

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में इस बार गर्मी ने तय समय से पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. मार्च का महीना आमतौर पर हल्की ठंड और वसंत के मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार महीने की शुरुआत से ही तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है. हालात ऐसे हैं कि मार्च के पहले ही हफ्ते में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो सामान्य तौर पर महीने के आखिरी दिनों में देखने को मिलता है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण दिन में तेज धूप और गर्म हवा का असर साफ महसूस किया जा रहा है.
मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले चार दिनों से दिल्ली का अधिकतम तापमान लगातार 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है. आमतौर पर मार्च के पहले पंद्रह दिनों में मौसम सुहावना रहता है और गर्मी धीरे-धीरे बढ़ती है. लेकिन इस बार पहले दस दिनों में ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. दिन के समय तेज धूप के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है. दोपहर के समय सड़कों पर गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है और लोगों को पहले ही गर्मी का सामना करना पड़ रहा है.
सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज हुआ तापमान
दिल्ली की प्रमुख मौसम वेधशाला सफदरजंग में मंगलवार को अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह सामान्य तापमान से करीब 7.1 डिग्री ज्यादा है, जो इस समय के हिसाब से काफी अधिक माना जा रहा है. वहीं न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 4.8 डिग्री ज्यादा रहा. सुबह के समय कुछ इलाकों में हल्की धुंध भी देखी गई. मौसम विभाग का अनुमान है कि बुधवार को भी तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है.
पिछले तीन दिनों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
9 मार्च – अधिकतम 35.3, न्यूनतम 19.0
10 मार्च – अधिकतम 35.5, न्यूनतम 18.8
इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी में गर्मी लगातार बनी हुई है.
अभी राहत मिलने की संभावना कम
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के लोगों को गर्मी से जल्दी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार ऐसे कई प्राकृतिक कारक कम सक्रिय हैं जो आमतौर पर मौसम को ठंडा बनाए रखते हैं. बताया जा रहा है कि पहाड़ी इलाकों में इस बार बर्फबारी कम हुई है, जिससे वहां की ठंडी हवाओं का असर भी कम महसूस हो रहा है. इसके अलावा हाल के दिनों में बारिश भी बहुत कम हुई है. हवा में नमी कम होने और शुष्क हवाएं चलने के कारण गर्मी का असर और ज्यादा बढ़ गया है.
बढ़ने लगा प्रदूषण का स्तर
गर्मी के साथ-साथ राजधानी की हवा भी खराब होती जा रही है. मंगलवार को दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI का स्तर 300 से ऊपर पहुंच गया, जो बहुत खराब श्रेणी में माना जाता है. कुछ इलाकों में स्थिति ज्यादा चिंताजनक रही-
विवेक विहार – 341
रोहिणी – 341
चांदनी चौक – 322
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मौसम की स्थितियां ऐसी हैं कि प्रदूषक कण आसानी से हवा में बने रह रहे हैं. आमतौर पर तेज हवाएं और मौसम में बदलाव इन कणों को दूर ले जाते हैं, लेकिन फिलहाल ऐसे कारक कम सक्रिय हैं.


