दिल्ली हाई कोर्ट से अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका, कोर्ट ने जज स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने वाली मांग ठुकराई
अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने शराब नीति घोटाले के मामले में जज स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने या मामले को किसी दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की उनकी मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया.

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने शराब नीति घोटाले के मामले में जज स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने या मामले को किसी दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की उनकी मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया. मुख्य न्यायाधीश ने साफ कहा कि ऐसा करने का कोई आधार नहीं है.
केजरीवाल ने जज पर लगाया पक्षपात का आरोप
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 11 मार्च को मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को पत्र लिखा था. उन्होंने कहा कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच में सुनवाई निष्पक्ष नहीं हो पाएगी. केजरीवाल ने आशंका जताई कि अदालत का रुख पक्षपाती लग रहा है.
उन्होंने 9 मार्च के आदेश का हवाला दिया, जिसमें बिना आरोपियों की सुनवाई के ट्रायल कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई गई थी. उन्होंने कहा कि सामान्य मामलों में पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए 4-5 हफ्ते का समय मिलता है, लेकिन यहां जल्दबाजी दिखी. इससे उन्हें पूर्वाग्रह का डर हुआ.
मुख्य न्यायाधीश की प्रतिक्रिया
दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने केजरीवाल की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि मामला रोस्टर के अनुसार जस्टिस शर्मा को ही सौंपा गया है. प्रशासनिक स्तर पर इसे किसी दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने का कोई ठोस कारण नहीं मिला.
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जस्टिस शर्मा खुद इस मामले से अलग होना चाहें, तो यह उनका अपना फैसला होगा. कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल के 13 मार्च के पत्र का भी जिक्र किया, जिसमें ट्रांसफर की मांग को खारिज करने की बात कही गई थी. केजरीवाल की मांग ठुकराए जाने से अब यह मामला जस्टिस शर्मा की बेंच में ही आगे बढ़ेगा.
दिल्ली की आबकारी मामला
यह पूरा विवाद दिल्ली की आबकारी नीति 2021-22 से जुड़ा है. 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 22 आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया था. कोर्ट ने सीबीआई की जांच को निराधार बताया था. इसके खिलाफ सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी, जो जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच में चल रही है.
9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने नोटिस जारी किया और ट्रायल कोर्ट के कुछ आदेशों पर रोक लगा दी. उन्होंने ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों को गलत बताया और सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश को भी रोका। साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ईडी मामले की सुनवाई को टालने का आदेश दिया.


