50 लाख और नौकरी के लालच में की पिता-चाचा की हत्या, पुलिस ने बेटे को किया गिरफ्तार

दिल्ली के द्वारका में दो भाइयों की संदिग्ध मौत का मामला चौंकाने वाले खुलासे के साथ सामने आया है. जांच में सामने आई सच्चाई रिश्तों और लालच से जुड़ा ऐसा पहलू दिखाती है, जो हर किसी को हैरान कर देगा.

Shraddha Mishra

दिल्ली के द्वारका इलाके से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है. द्वारका के उत्तम नगर क्षेत्र में एक फ्लैट के अंदर दो सगे भाइयों की संदिग्ध मौत का मामला अब खुल चुका है. जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया- इस दोहरे हत्याकांड के पीछे कोई और नहीं, बल्कि मृतक का अपना बेटा ही निकला.

उत्तम नगर थाना पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी ईश्वर को गिरफ्तार कर लिया है. मृतकों की पहचान देवेंद्र कुमार (50) और उनके भाई अमित (48) के रूप में हुई है. दोनों की मौत पहले संदिग्ध लग रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सारा मामला साफ कर दिया. रिपोर्ट में सामने आया कि दोनों की मौत बाहरी चोटों से नहीं, बल्कि अंदरूनी गंभीर चोटों और मारपीट के कारण हुई थी. इससे यह साफ हो गया कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया हमला था.

मौके का मंजर और शुरुआती जांच

पुलिस को 4 अप्रैल को सूचना मिली थी कि एक घर में दो लोग मृत पड़े हैं. जब टीम मौके पर पहुंची, तो कमरे में सामान बिखरा हुआ था और वहां शराब व बीयर की बोतलें पड़ी थीं. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना से पहले घर में शराब पी गई थी और उसी दौरान विवाद हुआ था. इस बीच, देवेंद्र का बेटा ईश्वर मौके से गायब था, जिससे उस पर शक और गहरा हो गया.

लालच बना हत्या की वजह

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले के पीछे संपत्ति और नौकरी का लालच मुख्य कारण था. देवेंद्र सरकारी संस्था ईएसआईसी में काम करते थे और उनके पीएफ खाते में करीब 50 लाख रुपये जमा थे. बताया जा रहा है कि देवेंद्र ने कभी यह बात कही थी कि उनकी मौत के बाद यह रकम और अनुकंपा के आधार पर मिलने वाली नौकरी उनके बेटे ईश्वर को मिल सकती है. इसी लालच ने ईश्वर को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए उकसाया.

पड़ोसियों ने दी थी झगड़े की जानकारी

डीसीपी द्वारका कुशल पाल सिंह के मुताबिक, 3 अप्रैल की रात करीब 11:30 बजे पड़ोसियों ने घर में झगड़े की आवाज सुनकर शिकायत की थी. जब मकान मालिक नरेश कुमार वहां पहुंचे, तो ईश्वर ने दरवाजा खोला और उस समय मामला शांत कर दिया गया. हालांकि, अगले ही दिन जब दो लोगों की लाशें मिलीं और ईश्वर गायब था, तो शक और पुख्ता हो गया.

एसीपी संजीव कुमार और एसएचओ मुकेश कुमार की टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को पकड़ लिया. पूछताछ में ईश्वर ने स्वीकार किया कि घटना वाली रात उसने अपने पिता और चाचा के साथ शराब पी थी. इसी दौरान किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, जो इतना बढ़ गया कि उसने दोनों के साथ बेरहमी से मारपीट की. इस हमले में दोनों की जान चली गई.

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