ईरान में फंसे भारतीयों के लिए अलर्ट! भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
ईरान में बदलते हालात के बीच भारतीय दूतावास ने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है. नई एडवाइजरी और सुरक्षित निकासी के इंतजामों के बीच स्थिति को लेकर कई अहम सवाल अभी बाकी हैं.

ईरान में बढ़ते तनाव और बदलते हालात के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है. तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को नई एडवाइजरी जारी करते हुए वहां रह रहे भारतीयों से जल्द से जल्द देश छोड़ने की अपील की है. यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब क्षेत्र में हालात अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हुए हैं.
दूतावास ने अपनी ताजा सलाह में साफ कहा है कि 7 अप्रैल 2026 को जारी पहले के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द ईरान छोड़ देना चाहिए. इसके लिए उन्हें दूतावास के संपर्क में रहकर तय किए गए सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है. इसके साथ ही, नागरिकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे बिना अनुमति किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास न जाएं, ताकि किसी भी तरह की अप्रत्याशित स्थिति से बचा जा सके.
⚠️ Advisory as on 08 April 2026. pic.twitter.com/pusFQIAKKI
— India in Iran (@India_in_Iran) April 8, 2026
हेल्पलाइन नंबर और समन्वय की व्यवस्था
बेहतर समन्वय और आपात स्थिति में सहायता के लिए दूतावास ने कई हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी संकट के समय भारतीय नागरिक तुरंत मदद प्राप्त कर सकें और सुरक्षित तरीके से देश से बाहर निकल सकें.
क्यों दी जा रही है देश छोड़ने की सलाह?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह नई एडवाइजरी खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो संघर्ष से प्रभावित इलाकों से बाहर निकलना चाहते हैं. हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम के कारण तत्काल खतरा कुछ कम हुआ है, लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं मानी जा रही है. सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में लगभग 7,500 भारतीय नागरिक अभी भी ईरान में मौजूद हैं. उन्हें सुरक्षित स्थानों से निकलने और अपने देश लौटने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.
सुरक्षित निकासी के संभावित रास्ते
जानकारी के मुताबिक, नागरिक दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास जैसे क्षेत्रों से निकलकर अर्मेनिया की सीमा तक पहुंच सकते हैं. यह यात्रा करीब 1,500 किलोमीटर लंबी हो सकती है, लेकिन फिलहाल इसे सुरक्षित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में दूतावास के साथ संपर्क बनाए रखना बेहद जरूरी बताया गया है, ताकि किसी भी जोखिम से बचा जा सके.
पहले क्या निर्देश दिए गए थे?
इससे एक दिन पहले, यानी 7 अप्रैल को, दूतावास ने एक और सलाह जारी की थी. उस समय नागरिकों को 48 घंटे तक अपने घरों में ही रहने के लिए कहा गया था. पिछली एडवाइजरी में यह भी कहा गया था कि लोग बिजली संयंत्रों, सैन्य ठिकानों और ऊंची इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें. साथ ही, बिना जरूरी कारण के बाहर न निकलें और यात्रा के लिए दूतावास से संपर्क करें.
⚠️ Advisory as on 07 April 2026. pic.twitter.com/xsrpoOvx0f
— India in Iran (@India_in_Iran) April 7, 2026


