दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े नासिक TCS के तार? जांच में सामने आई आतंकी कनेक्शन की बात
नासिक के टीसीएस से जुड़ा मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है. महिला कर्मचारियों के आरोपों के बीच जांच में चौंकाने वाले कनेक्शन सामने आए हैं. बताया जा रहा है कि निदा खान का संबंध पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की आतंकी डॉ. शाहीन शाहिद से रहा है.

नासिक की एक बड़ी आईटी कंपनी से जुड़ा मामला अब केवल कार्यस्थल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंता का विषय बन गया है. आरोप है कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में काम करने वाली एक एचआर एक्जीक्यूटिव निदा खान के तार एक आतंकी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं. इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और जांच तेज कर दी गई है.
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल इस मामले में सक्रिय हो गई है और जल्द ही जांच के लिए नासिक पहुंच सकती है. आरोपी एचआर एक्जीक्यूटिव निदा खान फिलहाल फरार बताई जा रही है.नासिक पुलिस ने इस पूरे मामले की जानकारी स्पेशल सेल को दे दी है, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं. बताया जा रहा है कि निदा खान का संबंध पहले आतंकी गतिविधियों के आरोपों में गिरफ्तार की जा चुकी पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की आतंकी डॉ. शाहीन शाहिद से रहा है.
महिला कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब टीसीएस की 12 महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई. इन कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ उत्पीड़न किया गया और उन पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया. जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे मामले की मुख्य भूमिका निदा खान की हो सकती है. इसके अलावा कंपनी के कुछ अन्य टीम लीडर्स के भी इस मामले में शामिल होने की बात कही जा रही है. अब तक पुलिस इस मामले में कई एफआईआर दर्ज कर चुकी है और सभी आरोपों की गहराई से जांच की जा रही है.
आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत
जांच एजेंसियों के मुताबिक, निदा खान के कुछ ऐसे संपर्क सामने आए हैं, जो जैश-ए-मोहम्मद के महिला विंग से जुड़े बताए जा रहे हैं. इसी वजह से अब इस मामले को सिर्फ कार्यस्थल पर उत्पीड़न का मामला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे एक "हाइब्रिड" या "व्हाइट कॉलर" आतंकी साजिश के तौर पर भी देखा जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के नेटवर्क कॉर्पोरेट दफ्तरों का इस्तेमाल कर लोगों को प्रभावित करने और उन्हें अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर सकते हैं.
कैसे बनाया जाता था दबाव?
आरोप है कि निदा खान खासतौर पर महिला कर्मचारियों को निशाना बनाती थी. वह उन्हें धीरे-धीरे अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करती और फिर उन पर धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने का दबाव डालती थी. पीड़ितों के अनुसार, उन्हें नमाज पढ़ने और कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था. यह दबाव मानसिक रूप से भी काफी परेशान करने वाला था.
कंपनी और एजेंसियों की कार्रवाई
टीसीएस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है. कंपनी की ओर से जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है. वहीं, जांच के लिए एक विशेष टीम (SIT) बनाई गई है, जो डिजिटल सबूतों जैसे व्हाट्सएप चैट, ईमेल और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है. इसके अलावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं.
मामला बना राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा
जांच के बढ़ते दायरे को देखते हुए यह साफ हो गया है कि यह मामला अब केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है. इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलू भी सामने आ रहे हैं. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह एक बड़ा नेटवर्क है और इसके जरिए और लोगों को भी जोड़ा गया है.


