सीएम हाउस पर सिद्धारमैया से मिले डीके शिवकुमार, क्या मीटिंग से खत्म होगी कुर्सी की खटास?
कर्नाटक की सियासी कुर्सी पर चल रही रस्साकशी में आखिरकार ब्रेक लगता दिख रहा है. शनिवार सुबह बेंगलुरु में कुछ ऐसा हुआ जो पिछले कई महीनों से सब देखना चाहते थे. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार एक ही टेबल पर, एक ही प्लेट में इडली-डोसा तोड़ते हुए नजर आए.

कर्नाटक: दिल्ली के शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद कर्नाटक में लंबे समय से चली आ रही सत्ता की खींचतान अब समाधान की ओर बढ़ती दिख रही है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच शनिवार को बेंगलुरु में अहम मीटिंग हुई, जिसे राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग की और इसका उद्देश्य पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखना बताया गया. इस बैठक के बाद कर्नाटक की राजनीति में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है.
मीटिंग बैठक का राजनीतिक महत्व
कर्नाटक में सत्ता संघर्ष को देखते हुए इस बैठक को बेहद अहम माना गया. दोनों वरिष्ठ नेताओं ने बातचीत के दौरान राज्य सरकार की नीतियों, पार्टी के भीतर सहयोग और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की. यह बैठक पार्टी के भीतर उत्पन्न तनाव को कम करने और नेतृत्व को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
प्रियंक खड़गे का बयान
कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने बैठक और हाईकमान के हस्तक्षेप की सराहना की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सही समय पर दखल देकर मामले को संभाल लिया है. यह पार्टी नेतृत्व की टाइमिंग की समझ को दर्शाता है.
सिद्धारमैया के बेटे की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि पार्टी हाईकमान की ओर से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है. यतींद्र ने कहा कि हाईकमान ने किसी भी तरह का सीएम बदलाव करने का संकेत नहीं दिया है. फिलहाल कोई निर्णय नहीं हुआ है. इससे स्पष्ट हो गया कि वर्तमान में मुख्यमंत्री के पद पर कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और स्थिति स्थिर बनी रहेगी.
राजनीतिक स्थिरता की दिशा में कदम
इस मीटिंग और दिल्ली नेतृत्व के हस्तक्षेप से कर्नाटक कांग्रेस में तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव और पार्टी की अंदरूनी कार्यप्रणाली के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा.


