PM मोदी की UN महासभा में भागीदारी पर संशय, ट्रंप से मिलने की अफवाहों के बीच नई खबर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सितंबर में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा में भागीदारी पर भारत ने अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने मोदी से मिलने की संभावना जताई है, लेकिन व्यापारिक विवाद और अमेरिकी टैरिफ के कारण मोदी के अमेरिका दौरे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. भारत-यूएस संबंधों में तनाव के बीच यह फैसला नजदीक आने पर लिया जाएगा.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

UN General Assembly 2025 : भारत ने अभी तक सितंबर के अंत में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है. इस संबंध में जानकारों ने बुधवार को बताया कि इस बारे में फैसला महासभा के निकट आने पर ही लिया जाएगा. फिलहाल कोई फाइनल घोषणा नहीं हुई है.

जेलेंस्की की संभावित बैठक से बढ़ी चर्चा

आपको बता दें कि यूएन महासभा के उच्च स्तरीय सत्र में भारत के प्रधानमंत्री का नाम वक्ताओं की प्रारंभिक सूची में शामिल किया गया है. वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की  ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह सितंबर में न्यूयॉर्क में होने वाली महासभा के दौरान मोदी से मिलने की योजना बना रहे हैं. इस बात ने प्रधानमंत्री के अमेरिका दौरे की संभावनाओं को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं.

23 से 29 सितंबर तक चलेगी UN महासभा
हालांकि, यूएन महासभा की प्रारंभिक वक्ताओं की सूची अगस्त में तैयार की जाती है, जिसमें प्रमुख नेताओं को विदेशी मंत्रियों की तुलना में पहले बोलने का मौका दिया जाता है. इस सूची में भारत के प्रधानमंत्री के 26 सितंबर को बोलने की बात दर्ज है. महासभा 23 सितंबर से शुरू होकर 29 सितंबर तक चलेगी. अमेरिका के राष्ट्रपति पहले दिन, यानी 23 सितंबर को बोलेंगे. हालांकि, भारत की तरफ से बताया गया है कि अभी प्रधानमंत्री की भागीदारी पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, और इस वक्त ऐसा लगना मुश्किल है कि वे इस सत्र में शामिल होंगे.

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने PM मोदी को किया फोन 
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान मिलने की योजना बताई. इससे भारत के अमेरिका दौरे की उम्मीदें बढ़ीं, जो कि डोनाल्ड ट्रंप से संभावित मुलाकात का रास्ता खोल सकती थी. लेकिन भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक मुद्दों को लेकर अभी काफी मतभेद हैं. खासकर ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाया है और रूस से तेल खरीदने पर भी 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया है.

भारत-US मतभेद और कूटनीतिक तनाव
हाल के दिनों में ट्रंप ने बार-बार भारत की टैरिफ नीतियों की आलोचना की है और भारत पर आरोप लगाया है कि वह रूस से कच्चा तेल खरीदकर “रूसी युद्ध ” को सपोर्ट कर रहा है. इसके अलावा, ट्रंप के यह दावा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच चार दिन की तनाव के बाद सीज़फायर करवाई, भारत की उच्चतम स्तर पर नापसंद किया गया है.

प्रधानमंत्री मोदी की संयुक्त राष्ट्र महासभा में भागीदारी अभी अनिश्चित है. यूक्रेन के साथ संभावित मुलाकात और अमेरिका के साथ जारी व्यापारिक विवाद इस फैसले को प्रभावित कर रहे हैं. भारत अपने कूटनीतिक और व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए सही समय पर निर्णय करेगा.

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