फ्यूल कंट्रोल स्विच पर संदेह खत्म, एयर इंडिया ने बोइंग 787 को सुरक्षित बताया

एयर इंडिया ने बोइंग 787 विमानों के ईंधन नियंत्रण स्विच की जांच पूरी कर ली है. इसमें कोई खराबी नहीं मिली. यह कदम हालिया दुर्घटना और AAIB की रिपोर्ट के बाद एहतियातन उठाया गया था.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

एयर इंडिया ने अपने बोइंग 787 विमानों में ईंधन नियंत्रण स्विच (FCS) के लॉकिंग सिस्टम का एहतियाती निरीक्षण पूरा कर लिया है. यह कदम विमानन नियामक DGCA के निर्देशों के बाद उठाया गया, जो एक हालिया हादसे की जांच रिपोर्ट के मद्देनज़र जारी किए गए थे. जांच में किसी तरह की तकनीकी खामी नहीं पाई गई है.

जून में हुई थी दुर्घटना

यह कार्रवाई जून में हुई एक दुर्घटना के बाद की गई, जिसमें एयर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान में टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति अचानक बंद हो गई थी. इस हादसे में 260 यात्रियों की मौत हुई थी और जांच एजेंसी AAIB ने प्रारंभिक रिपोर्ट में संभावित प्रणाली या प्रक्रियात्मक चूक की ओर इशारा किया था.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सप्ताहांत में इंजीनियरिंग टीम ने पूरे बेड़े के बोइंग 787 विमानों की ईंधन नियंत्रण प्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया, जिसमें कोई भी खराबी सामने नहीं आई. उन्होंने बताया कि FCS इंजन में ईंधन की आपूर्ति नियंत्रित करता है, थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल (TCM) का हिस्सा है. इसका भी आवश्यकतानुसार अद्यतन किया गया है.

AAIB की रिपोर्ट में क्या बताया गया?

AAIB की रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों इंजनों के FCS अचानक 'रन' से 'कटऑफ' मोड में चले गए थे, जिससे विमान की ऊंचाई अचानक घट गई थी. कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट ने दूसरे से पूछा कि तुमने कटऑफ क्यों किया? तो उसने जवाब दिया कि मैंने नहीं किया.

हालांकि रिपोर्ट में FAA के विशेष निर्देशों का उल्लेख किया गया, लेकिन कोई औपचारिक सुझाव नहीं दिया गया. एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों को तकनीकी गड़बड़ियों को तुरंत रिपोर्ट करने के लिए विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा है. DGCA ने भी बोइंग 787 और 737 विमानों का संचालन करने वाली सभी एयरलाइनों को एफसीएस लॉकिंग मैकेनिज्म की जांच के आदेश दिए हैं.

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