चुनाव आयोग आज कर सकता है इन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान- सुत्र
आज भारतीय चुनाव आयोग बड़ा ऐलान करने जा रहा है. पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों का पूरा शेड्यूल सामने आएगा. सूत्र बताते हैं कि इस बार चुनाव आयोग कम चरणों में ही मतदान करवाने की तैयारी में है, ताकि प्रक्रिया तेज और आसान हो सके.

भारतीय चुनाव आयोग आज पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान करने जा रहा है. शाम 4 से 5 बजे के बीच विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्त चुनाव कार्यक्रम की पूरी जानकारी देंगे. सूत्रों के अनुसार, इस बार चुनाव आयोग कम चरणों में मतदान कराने की दिशा में काम कर रहा है, जिससे प्रक्रिया अधिक सुचारू और समयबद्ध हो सके.
जैसे ही चुनाव तिथियों का औपचारिक ऐलान होगा, इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में आदर्श आचार संहिता तत्काल लागू हो जाएगी. 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में इस बार चरणों की संख्या में कमी की संभावना है, खासकर पश्चिम बंगाल में जहां पिछले बार 8 चरणों में वोटिंग हुई थी.
कम चरणों में मतदान पर जोर, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
चुनाव आयोग इस बार कम चरणों में चुनाव संपन्न करने पर विचार कर रहा है. पश्चिम बंगाल में चरणों की संख्या घटाने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती में भारी वृद्धि की योजना है. राज्य में निष्पक्ष और हिंसा मुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अंतिम मतदाता सूची के खिलाफ अपील की अवधि समाप्त हो चुकी है और आयोग ने सभी तैयारियों की समीक्षा पूरी कर ली है. इन विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून 2026 में समाप्त हो रहा है, इसलिए अप्रैल-मई में मतदान होने की संभावना मजबूत है.
मुख्य चुनाव आयुक्त का हालिया बंगाल दौरा
कुछ दिन पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग की उच्च स्तरीय टीम ने कोलकाता का दौरा किया था. इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए जमीनी स्थिति का आकलन करना था. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विनीत जोशी भी मौजूद रहे. आयोग की फुल बेंच ने राज्य के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की. बैठक में चुनावी कार्यक्रम, सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष मतदान से जुड़े सुझावों तथा चिंताओं पर गहन मंथन हुआ.


