गाजियाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने खुद को 'लंदोनिया' नामक काल्पनिक देश का राजदूत बताकर एक फर्जी दूतावास चला रहा था. उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इस हाई-प्रोफाइल फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए आरोपी हर्षवर्धन जैन को गिरफ्तार किया है.
STF की छापेमारी में खुलासा हुआ कि जैन गाजियाबाद के कवि नगर में स्थित एक किराए के बंगले को 'लंदोनिया', 'वेस्ट आर्कटिका', 'सबोर्गा' और 'पॉल्विया' जैसे काल्पनिक देशों का दूतावास बनाकर चला रहा था. आरोपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वैश्विक नेताओं के साथ फर्जी तस्वीरें तैयार करवाई थीं ताकि लोगों को अपने झांसे में ले सके.
STF अधिकारियों के मुताबिक, हर्षवर्धन जैन खुद को 'माइक्रोनेशन' का राजदूत बताकर देश-विदेश में हाई-प्रोफाइल नेटवर्किंग का दावा करता था. उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के साथ मॉर्फ की गई तस्वीरें सोशल मीडिया और दस्तावेजों में दिखाकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश की.
जांच में सामने आया कि जैन ने अपनी लग्जरी गाड़ियों पर फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगवा रखी थीं ताकि वह खुद को वैध राजनयिक साबित कर सके. STF ने चार लग्जरी वाहन, जिन पर 'राजनयिक' नंबर प्लेट लगी थी, जब्त किए हैं.
छापेमारी के दौरान STF को जैन के ठिकाने से भारी मात्रा में नकली राजनयिक सामान बरामद हुआ, जिसमें शामिल हैं:
12 फर्जी डिप्लोमैटिक पासपोर्ट
विदेश मंत्रालय की मुहर लगे जाली दस्तावेज
2 फर्जी पैन कार्ड
34 जाली सीलें
2 फर्जी प्रेस कार्ड
₹44.7 लाख नकद
कई देशों की विदेशी मुद्रा
18 अतिरिक्त नकली डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट्स
STF की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी हर्षवर्धन जैन कंपनियों और व्यक्तियों को विदेशों में व्यापार और नौकरी के नाम पर ठगता था. साथ ही, उसके हवाला नेटवर्क चलाने और फर्जी शेल कंपनियों के ज़रिए लेन-देन करने की भी आशंका जताई जा रही है.
पुलिस ने कवि नगर थाने में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि इस जालसाजी में और कौन-कौन शामिल हो सकता है. आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. First Updated : Wednesday, 23 July 2025